शेखपुरा: जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने सदर प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कामकाज में पारदर्शिता बरतने तथा आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने का निर्देश दिया।
डीएम ने कार्यालय में आगत-निर्गत पंजी, बायोमेट्रिक उपस्थिति, कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, योजनावार पंजी और प्रखंड स्तरीय बैठकों की अनुपालन पंजी की जांच की। इसके अलावा वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड निर्माण, भूमि के खाता-खसरा और रकबा को ऑनलाइन दर्ज करने की स्थिति, शौचालय निर्माण तथा पेयजल आपूर्ति जैसी योजनाओं की भी जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से लोगों को दी जा रही नागरिक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। डीएम ने सभी कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यालय के पास संदिग्ध गुमटी पर छापेमारी
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी की नजर प्रखंड कार्यालय परिसर के पास स्थित एक गुमटी पर गई। जांच के दौरान गुमटी से जमीन से जुड़े कई कागजात, सरकारी रसीदें, आधार और पैन कार्ड सहित नकद राशि बरामद होने की बात सामने आई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुमटी को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि गुमटी में ये दस्तावेज और सरकारी रसीदें किस उद्देश्य से रखी गई थीं और इनका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था।
बिचौलियों पर डीएम की सख्त चेतावनी
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में किसी भी तरह की लापरवाही या बिचौलियों की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों से जुड़े कार्यों का निष्पादन समयबद्ध, पारदर्शी और नियमों के अनुसार किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, भू-अर्जन पदाधिकारी सह वरीय प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला विकास पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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