जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सोमवार को गांधी मैदान में धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम नियम-कानून के अनुसार नहीं चल रहा है और यहां मनमानी तरीके से काम हो रहा है।
धरना स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में सरयू राय ने कहा कि यह आंदोलन एक चेतावनी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानगो नगर निगम को चलाने वाले अधिकारी और जनप्रतिनिधि मनमानी से बाज आएं, अन्यथा आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
विधायक ने आरोप लगाया कि एक सीनियर अधिकारी को जूनियर के अधीन काम करने के लिए मजबूर किया गया है, जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि इससे अधिकारियों की नीयत और कार्यशैली पर संदेह उत्पन्न होता है।
नालों की सफाई को लेकर भी उन्होंने नगर निगम पर निशाना साधा। सरयू राय ने कहा कि डिमना रोड चौड़ीकरण के बाद करीब 10 वर्ष पहले बनाए गए नालों की सफाई को लेकर 20 साल से सफाई नहीं होने का दावा किया जा रहा है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविकता में केवल लगभग 10 प्रतिशत सफाई हुई है, जबकि भुगतान पूरा कर लिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम के कार्यों को दो भागों—जनसुविधा और विकास—में विभाजित कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने नगर विकास मंत्री से भी चर्चा करने की बात कही।
सरयू राय ने ठेकेदारी व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ लोग अपने पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाएगा।
धरने का मुख्य मुद्दा मानगो क्षेत्र में लंबित विकास योजनाएं, जल निकासी की समस्या, पेयजल संकट तथा सड़कों और नालियों की खराब स्थिति रहा। उन्होंने बताया कि 29 दिसंबर 2025 को शिलान्यास की गई लगभग ₹12.13 करोड़ की 38 योजनाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
विधायक ने कहा कि यदि नगर निगम की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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