रांची: बिहार में जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। झारखंड राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए बिहार की सम्राट चौधरी सरकार और एनडीए गठबंधन पर निशाना साधा है।
राजद के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के समर्थन में आवाज उठाने के कारण तेजप्रताप यादव को निशाना बनाया गया।
राजद ने सरकार पर लगाया तानाशाही का आरोप
कैलाश यादव ने कहा कि नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनी थी। उन्होंने दावा किया कि इस सहमति में आंदोलन से जुड़े छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की बात कही गई थी।
राजद नेता ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद पटना में छात्रों के कार्यक्रम में समर्थन देने के मामले में तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी करना सरकार की मनमानी को दर्शाता है।
छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश
राजद प्रवक्ता ने कहा कि तेजप्रताप यादव बिहार सरकार में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं और उन्होंने छात्रों के मुद्दों को उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि अगर तेजप्रताप यादव की तत्काल रिहाई नहीं होती है तो राजद बिहार, झारखंड और देश के अन्य हिस्सों में बड़े आंदोलन की तैयारी करेगा।
सियासी टकराव बढ़ने के संकेत
तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राजद ने इसे लोकतंत्र और छात्रों के अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई है, जबकि आगे सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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