पटना: देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, बिहार के समस्तीपुर जिले का नाम बार-बार सुर्खियों में आ जाता है। खासकर विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव निवासी विजेंद्र प्रसाद गुप्ता उर्फ विजेंद्र गुप्ता एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्र में है।
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में हाल ही में हुई कार्रवाई के बाद विजेंद्र का नाम फिर सामने आया है। महाराष्ट्र पुलिस ने ठाणे जिले के भिवंडी स्थित कोंनगांव क्षेत्र से टीईटी परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान इन आरोपितों ने विजेंद्र गुप्ता का नाम लिया है और उसे कथित तौर पर नेटवर्क का प्रमुख संचालक बताया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस दावे की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
यह पहला मौका नहीं है जब विजेंद्र का नाम किसी पेपर लीक मामले में सामने आया हो। इससे पहले बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा, ओडिशा कर्मचारी चयन आयोग (SSC) और NEET-UG जैसे चर्चित मामलों में भी उसका नाम जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज है। 28 जुलाई 2023 को ओडिशा SSC पेपर लीक मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी और वर्तमान में वह जमानत पर है। लगातार कई राज्यों में नाम आने के कारण वह जांच एजेंसियों की निगरानी में बना हुआ है।
वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित इस नाम की तस्वीर उसके पैतृक गांव में बिल्कुल अलग है। शेरपुर गांव में रहने वाले उसके 85 वर्षीय पिता बालेश्वर साह आज भी साधारण जीवन जी रहे हैं। बेटे का जिक्र आते ही उनकी आवाज भर्रा जाती है। वे कहते हैं, “वह पढ़ने के लिए घर से निकला था, आज तक नहीं पता कि वह क्या करता है।”
परिजनों के अनुसार विजेंद्र बचपन से पढ़ाई में तेज था। गांव में प्रारंभिक शिक्षा के बाद वर्ष 2003 में वह आगे की पढ़ाई के लिए बेगूसराय चला गया। कुछ समय बाद उसके एक हत्या मामले में गिरफ्तार होने की सूचना मिली थी, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर है। इसके बाद से उसका परिवार से संपर्क लगभग समाप्त हो गया।
बताया जाता है कि उसने उजियारपुर में प्रेम विवाह किया था और उसकी दो बेटियां हैं। करीब दो वर्ष पहले वह भतीजी की शादी में कुछ घंटों के लिए गांव आया था, जिसके बाद से वह न तो गांव लौटा और न ही परिजनों से नियमित संपर्क में रहा।
इधर उसके तीनों बड़े भाई आज भी गांव और मऊ बाजार में छोटे-छोटे व्यवसाय कर परिवार चला रहे हैं। बड़े भाई बमबम साह आटा चक्की और सरसों तेल पेराई का काम करते हैं, जबकि रामू साह की किराना दुकान है। तीसरे भाई जितेंद्र साह भी इसी तरह का व्यवसाय करते हैं। परिजनों का कहना है कि वर्षों से विजेंद्र अपनी अलग दुनिया में है और उसके कामकाज की जानकारी उन्हें नहीं रहती।
फिलहाल महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले की जांच तेज हो गई है और विशेष जांच दल पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटा है। कभी मेधावी छात्र के रूप में पहचान बनाने वाला शेरपुर का यह युवक अब देश के बड़े परीक्षा घोटालों में बार-बार चर्चा में बना हुआ है।
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ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड