पलामू: चाईबासा जेल की सलाखों से एक दिन की पेरोल पर बाहर आई रिया सिन्हा उस वक्त भावुक हो गई, जब उसने अपने पति और कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का शव देखा। पति के अंतिम दर्शन करते ही रिया अचानक बेसुध होकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे संभाला।
सुजीत सिन्हा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अदालत के आदेश पर रिया सिन्हा को एक दिन की पेरोल मिली थी। पुलिस सुरक्षा के बीच जब वह अपने पैतृक गांव हुसैनाबाद के पथरा पहुंची, तो वहां पहले से बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
जैसे ही रिया की नजर पति के शव पर पड़ी, उसकी हालत बिगड़ गई। वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ी। बाद में संभलने के बाद वह अपने 12 वर्षीय बेटे अक्षत सिन्हा से लिपटकर रोने लगी।
कभी गैंग की कमान संभालने का आरोप, अब पति की अंतिम विदाई में पहुंची
पुलिस के अनुसार, रिया सिन्हा पर आरोप है कि पति सुजीत सिन्हा के जेल जाने के बाद उसने गिरोह की गतिविधियों को संभाला था। रंगदारी वसूली, शूटरों की व्यवस्था और गैंग संचालन जैसे आरोपों में रांची पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। रिया के खिलाफ पलामू, रांची समेत कई जिलों में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
चार दिन बाद हुआ सुजीत सिन्हा का अंतिम संस्कार
साहिबगंज से धनबाद जेल शिफ्टिंग के दौरान पुलिस मुठभेड़ में सुजीत सिन्हा की मौत हो गई थी। इसके चार दिन बाद बुधवार को उसके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
जिस नाम से कभी खौफ था, उसी चेहरे के सामने टूट गई ‘लेडी डॉन’
गैंग संचालन के आरोपों में जेल में बंद रिया सिन्हा के लिए यह पल पूरी तरह बदल चुका था। जिस सुजीत सिन्हा के नाम से कभी अपराध की दुनिया में चर्चा होती थी, उसी की अंतिम विदाई में रिया अपने आंसू नहीं रोक सकी।
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