रक्सौल: बिहार के रक्सौल में कथित साइबर जासूसी और भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े मामले में विजयवाड़ा पुलिस और रक्सौल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर पाकिस्तानी एजेंट को भारतीय मोबाइल नंबरों के OTP उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल फोन और अन्य संसाधन मुहैया कराने का आरोप है। आरोप है कि इस काम के बदले उन्हें पैसे मिलते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
रक्सौल थाना की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में दर्ज कांड संख्या 01/2026 की जांच के सिलसिले में की गई। विजयवाड़ा पुलिस को जांच के दौरान रक्सौल क्षेत्र के कुछ लोगों की कथित संलिप्तता की जानकारी मिली थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई।
दो युवकों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार युवकों की पहचान रक्सौल थाना क्षेत्र के नागा रोड, वार्ड संख्या 11 निवासी आदित्य पाण्डेय (करीब 23 वर्ष), पिता बलिराम पाण्डेय, और मधुबनी जिले के हरलाखी थाना क्षेत्र के निवासी राजा कुमार (करीब 24 वर्ष), पिता सुरेश साह, के रूप में हुई है। राजा कुमार वर्तमान में रक्सौल थाना क्षेत्र के नोनियाडीह में रह रहा था।
संयुक्त टीम ने रक्सौल थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान दोनों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, इन युवकों पर कथित पाकिस्तानी एजेंट को OTP उपलब्ध कराने से जुड़ी गतिविधियों के लिए मोबाइल और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने का आरोप है।
OTP के इस्तेमाल की जांच
प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि भारतीय मोबाइल नंबरों पर आने वाले वन टाइम पासवर्ड (OTP) का इस्तेमाल कूपन-ऐप या उससे जुड़ी डिजिटल गतिविधियों में किया जाना था। पुलिस ने इस मामले को कथित भारत विरोधी गतिविधियों और साइबर जासूसी से जोड़कर जांच शुरू की है।
हालांकि, अब तक सार्वजनिक जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन OTP का इस्तेमाल किन डिजिटल प्लेटफॉर्म या सेवाओं पर किया गया, कथित तौर पर कितनी रकम का लेनदेन हुआ और संबंधित नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका क्या है। इन पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई में रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद, रक्सौल थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार महतो तथा पुलिस पदाधिकारी विकास कुमार, रवि कुमार, दीपक कुमार गिरि और प्रेम कुंवर साह शामिल थे। विजयवाड़ा पुलिस की टीम ने भी संयुक्त छापेमारी में हिस्सा लिया।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई विजयवाड़ा पुलिस कर रही है। जांच में कथित विदेशी संपर्कों, OTP उपलब्ध कराने के तरीके, आर्थिक लेनदेन और संभावित अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के नतीजों पर टिकी नजर
इस मामले में अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती होगी कि कथित तौर पर OTP किस उद्देश्य से जुटाए जा रहे थे, आरोपियों की भूमिका कितनी व्यापक थी और क्या इस गतिविधि में अन्य लोग भी शामिल थे। फिलहाल, पुलिस की ओर से जारी जानकारी आरोपों और शुरुआती कार्रवाई तक सीमित है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।
नोट: गिरफ्तारी और पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप अपने-आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं हैं। आरोपियों की भूमिका और मामले के अन्य पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
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