शेखपुरा: बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने के उद्देश्य से राजकीय कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, मालदह में 26 और 27 अक्टूबर 2026 को 32वीं अनुमंडल स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया गया। इसमें बरबीघा, शेखपुरा, शेखोपुरसराय, अरियरी, चेवाड़ा और घाटकुसुंभा प्रखंडों के 50 विद्यालयों से कुल 98 परियोजनाएं प्रस्तुत की गईं। इनमें से उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर 10 परियोजनाओं का चयन राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अभिषेक भार्गव, जिला माध्यमिक संघ के सचिव राजीव कुमार, जिला समन्वयक गोपाल जी, जिला शैक्षिक समन्वयक अमित कुमार, जिला आयोजन समिति के अध्यक्ष परशुराम सिंह, अनुमंडल शैक्षिक समन्वयक प्रहलाद कुमार, अनुमंडल समन्वयक यशपाल जी तथा विद्यालय प्रधान सह जिला माध्यमिक संघ के अध्यक्ष रवि कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
स्वागत गीत और सम्मान से हुआ अतिथियों का अभिनंदन
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
विज्ञान कांग्रेस में विभिन्न विद्यालयों से आए बाल वैज्ञानिकों ने अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। परियोजनाओं में मुख्य विषय ‘निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ के अंतर्गत निर्धारित उपविषयों से संबंधित विचार और समाधान शामिल रहे। बच्चों ने अपने आसपास की समस्याओं को समझने और उनके समाधान तलाशने की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रदर्शित किया।
‘किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक शिक्षा भी जरूरी’
बाल वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अभिषेक भार्गव ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी उतना ही आवश्यक है। विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को वैज्ञानिक बनने की आकांक्षा के साथ निरंतर सीखने और प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।
जिला समन्वयक गोपाल जी ने कहा कि विद्यार्थियों ने अपने आसपास की समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान प्रस्तुत किए हैं। इस प्रयास को लगातार आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों में वैज्ञानिक सोच के साथ स्किल डेवलपमेंट को भी आवश्यक बताया। उनके अनुसार, विद्यालयों में सैद्धांतिक शिक्षा के साथ प्रयोगात्मक ज्ञान पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
जिला माध्यमिक संघ के सचिव राजीव कुमार ने बाल वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरी टीम बच्चों को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शोध कार्य को आगे बढ़ाने और अपने क्षेत्र, जिले, राज्य तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
परियोजनाओं का निरीक्षण कर बाल वैज्ञानिकों से पूछे सवाल
कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अभिषेक भार्गव, राजीव कुमार, रवि कुमार, आचार्य गोपाल जी, परशुराम सिंह सहित अन्य अतिथियों ने विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों से उनके प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उद्देश्य और उपयोगिता से जुड़े सवाल पूछे। साथ ही परियोजनाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
परियोजनाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी जिला शैक्षिक समन्वयक अमित कुमार और संयुक्त शैक्षिक समन्वयक यशपाल जी के नेतृत्व वाली टीम ने निभाई। मूल्यांकन दल में पूनम कुमारी, रंजन कुमार, ज्योति प्रकाश, पिंटू कुमार, मनीष कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। आयोजकों के अनुसार, परियोजनाओं का मूल्यांकन निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया।
राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए 10 बाल वैज्ञानिक चयनित
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 बाल वैज्ञानिकों का चयन राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए किया गया है। चयनित विद्यार्थियों की रिपोर्ट बुक, लॉग बुक और सर्वे बुक लिखित मूल्यांकन के लिए पटना भेजी जाएगी।
चयनित बाल वैज्ञानिकों में शामिल हैं:
- प्राप्ति कुमारी — तैलिक बालिका उच्च विद्यालय, बरबीघा
- अनुप्रिया — तैलिक बालिका उच्च विद्यालय, बरबीघा
- प्रज्ञा कुमारी — तैलिक बालिका उच्च विद्यालय, बरबीघा
- सुहानी कुमारी — उच्च विद्यालय, करकी
- अपराजिता कुमारी — पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय, बरबीघा
- अंशु कुमार — पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय, बरबीघा
- साक्षी कुमारी — डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल, बरबीघा
- यशिका सिंह — डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल, बरबीघा
- आराध्या एंगल — संस्कार पब्लिक स्कूल, शेखपुरा
- हिमांशु राज — सेंट मेरी इंग्लिश स्कूल, बरबीघा
चयनित विद्यार्थियों से राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई। यह मंच उन्हें अपने शोध, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर देगा।
स्कूल अवार्ड में तैलिक बालिका विद्यालय प्रथम
आयोजन के दौरान स्कूल अवार्ड की घोषणा भी की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तैलिक बालिका उच्च विद्यालय ने प्रथम स्थान हासिल किया। संस्कार पब्लिक स्कूल दूसरे स्थान पर रहा, जबकि डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल और मॉडल स्कूल, करकी संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
दो दिवसीय आयोजन ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने, वैज्ञानिक प्रयोगों को समझने और स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजने का अवसर दिया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में शोध, नवाचार और व्यावहारिक शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने में मददगार साबित होंगी।
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