रांची: कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत रविवार को राजधानी रांची में मशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र और युवा शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। जुलूस में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह भी शामिल हुईं।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और युवाओं का भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पेपर लीक सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत करते हैं, लेकिन बार-बार गड़बड़ियों से उनकी मेहनत बेकार हो जाती है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
वहीं ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आ रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार इसे रोकने में विफल रही है। इससे छात्रों और उनके परिवारों में निराशा का माहौल है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर छात्रों के मुद्दों पर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने साफ किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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