पूर्वी बिहार और उत्तर-पूर्व झारखंड के नक्सली संगठन का शीर्ष नेता अरविंद यादव झारखंड के बोकारो जिले में सोमवार को पुलिस से मुठभेड़ में
मारा गया। वह नक्सली प्रवक्ता भी था। उस पर सरकार ने 25 लाख का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ ने भी उस पर तीन लाख का इनाम रखा था।
अरविंद यादव की मौत की खबर लखीसराय, जमुई और मुंगेर जिलों में तेजी से फैली। लोग जगह-जगह इस पर चर्चा कर रहे हैं। अरविंद यादव के खिलाफ लखीसराय के कजरा थाना में दर्जनों मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या और जमीन विवाद जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
वह 29 अगस्त 2010 को सुर्खियों में आया था। उस दिन लखीसराय के कवैया थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष भूलन यादव की हत्या कजरा के जंगल में नक्सलियों ने कर दी थी। उसी मुठभेड़ में बीएमपी के जवान लुकस टेटे को अगवा किया गया था। सात पुलिस जवानों की हत्या कर उनके शव जंगल में फेंक दिए गए थे। इन मामलों में अरविंद यादव मुख्य आरोपी था। कजरा थाना में उसके खिलाफ कई अन्य मामले भी दर्ज हैं।
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