लखीसराय: जिले के पिपरिया प्रखंड में 32 साल बाद विकास की एक बड़ी लकीर खींचे जाने की तैयारी तो पूरी है, लेकिन इस ‘विकास उत्सव’ ने जिले की राजनीति में एक नया सियासी भूचाल ला दिया है। आगामी 16 मई 2026 को होने वाले पिपरिया प्रखंड सह अंचल कार्यालय के भव्य शिलान्यास और मोहनपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय के उद्घाटन समारोह से लखीसराय के स्थानीय विधायक सह बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा का नाम पूरी तरह गायब है। जेडीयू और भाजपा के गठबंधन वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक को ही इस बड़े कार्यक्रम से दूर रखने को लेकर अब अंदरूनी खींचतान और राजनीतिक विवाद गहरा गया है।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह करेंगे शिलान्यास, मंत्रियों की लगेगी फौज
मोहनपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में 16 मई को सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह होंगे, जो इस नए भवन का शिलान्यास करेंगे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार तथा भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह भी शिरकत करेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राम शंकर शर्मा उर्फ नुनु बाबू करेंगे, जबकि इस पूरे आयोजन की कमान क्षेत्रीय विधायक रामानंद मंडल के हाथों में है।
32 साल बाद दियारा में विकास उत्सव, पर अपनों को आमंत्रण नहीं!
गौरतलब है कि साल 1994 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने पिपरिया को प्रखंड का दर्जा दिया था। प्रखंड बनने के 32 साल बाद अब जाकर मोहनपुर गांव में इसके स्थाई मुख्यालय सह अंचल कार्यालय के भवन की आधारशिला रखी जा रही है। दियारा क्षेत्र के लिए इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
लेकिन, इस ऐतिहासिक मौके पर लखीसराय के कद्दावर नेता और सूबे के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा को आमंत्रित न किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि आगामी पंचायत चुनाव की आहट के बीच इस तरह की गुटबाजी और ‘अपनों’ को ही किनारे लगाने का यह खेल विरोधियों से ज्यादा गठबंधन के भीतर ही घबराहट पैदा करने वाला है।
सांस्कृतिक रंग और बड़ी तैयारी, पर विवादों का साया
इस विकास उत्सव को यादगार बनाने के लिए पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रामशंकर शर्मा उर्फ नुनु बाबू ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं। कार्यक्रम के दौरान लाल इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं द्वारा स्वागत गान और स्वागत नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। एक तरफ जहां स्थानीय जनता में 32 साल बाद मिल रही इस सौगात को लेकर भारी उत्साह है, वहीं दूसरी तरफ मंच पर स्थानीय विधायक और मंत्री की अनुपस्थिति ने इस सरकारी कार्यक्रम को आपसी राजनीतिक वर्चस्व की जंग में तब्दील कर दिया है।
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