नालंदा: महिला आरक्षण को लेकर बिहार की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। बिहार शरीफ के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष अनामिका पासवान ने विपक्ष और महागठबंधन पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि महिला आरक्षण देश की आधी आबादी यानी करीब 70 करोड़ महिलाओं के अधिकार से जुड़ा मुद्दा है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
अनामिका पासवान ने केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण बिल लाया गया, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष नहीं चाहता कि महिलाएं राजनीति में मजबूत भूमिका निभाएं और आगे बढ़ें।
महागठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष समाज को भ्रमित करने और लोगों को भटकाने का काम कर रहा है। उनके मुताबिक असली मुद्दा महिलाओं को उनका हक दिलाना है, लेकिन इसे जानबूझकर दूसरे मुद्दों में उलझाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण को लेकर देश की महिलाओं में नाराजगी है और इसी आक्रोश को “जन आक्रोश मार्च” के जरिए सामने लाया जा रहा है। अनामिका पासवान ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर यह बिल 2029 के चुनाव तक लागू हो जाता है तो यह ऐतिहासिक कदम साबित होगा, लेकिन अगर देरी हुई तो 2034 तक इंतजार करना पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री के संकल्प का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने अंत में कहा कि महिला आरक्षण केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो आने वाले समय में देश की राजनीति की दिशा तय करेगा।
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नालंदा से वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट…