मधुबनी: मधुबनी के सकरी थाना क्षेत्र में हुए जानलेवा हमले के करीब 8 साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पांडेय की अदालत ने सकरी के पूर्व मुखिया अली अहमद उर्फ मुन्ना बॉस को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
मामला वर्ष 2018 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 सितंबर 2018 को उमर महमूद को सूचना मिली थी कि उनके बेटे का अपहरण किया जा रहा है। सूचना मिलने पर जब वह मौके पर पहुंचे तो आरोप है कि अली अहमद उर्फ मुन्ना बॉस अपने साथियों के साथ उनके बेटे को जबरन वाहन में बैठाने की कोशिश कर रहा था।
आरोप है कि विरोध करने पहुंचे उमर महमूद पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई गई, जो उनके हाथ में लगी। घटना के बाद सकरी थाना में मामला दर्ज किया गया था और पुलिस ने जांच शुरू की थी।
कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 समेत कई धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गंभीर अपराध बताते हुए कड़ी सजा की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने न्यूनतम सजा देने की अपील की थी।
मधुबनी के इस चर्चित मामले में अदालत के फैसले के बाद अब आरोपी को जेल की सजा भुगतनी होगी। करीब 8 साल पुराने केस में आया यह फैसला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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