लखीसराय: जिले में बाल श्रम पर रोक लगाने के लिए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक विभाग के जिला धावा दल ने मंगलवार को सघन अभियान चलाया। इस दौरान दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों से करीब 11 और 13 वर्ष की आयु के दो बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों से काम कराने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना और उनके शिक्षा एवं सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करना है।
दो प्रतिष्ठानों में हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान शहर के विद्यापीठ चौक स्थित फूड प्वाइंट (श्री कृष्णा स्टोर) से लगभग 13 वर्ष की आयु के एक बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया। वहीं, बाईपास मोड़ पर पुलिस अधीक्षक आवास के सामने स्थित विक्की ऑटो पार्ट्स से करीब 11 वर्ष की आयु के दूसरे बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया।
जिला धावा दल ने बाल श्रम उन्मूलन के उद्देश्य से इन प्रतिष्ठानों में कार्रवाई की। हालांकि, संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों के खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
श्रम अधीक्षक के नेतृत्व में चला अभियान
इस अभियान का संयोजन श्रम अधीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में किया गया। जिला धावा दल में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अरुण कुमार, आशीष कुमार, रामजीवन कुमार, अभिषेक कुमार, पीसी राधेश्याम साह तथा एमजीओ कवच परियोजना के सेंटर डायरेक्टर चंद्रशेखर सिंह शामिल थे।
टीम ने जिले में बाल श्रम की रोकथाम के उद्देश्य से कार्रवाई की। विभाग की ओर से ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाने की बात कही गई है।
बच्चों की शिक्षा और भविष्य पर जोर
बाल श्रम बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास में बाधा बनता है। कम उम्र में काम करने के कारण बच्चों के पढ़ने, सीखने और सुरक्षित वातावरण में विकसित होने के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
जिला प्रशासन और श्रम संसाधन विभाग ने आम लोगों तथा प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि बच्चों से श्रम न कराया जाए। साथ ही बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करने का आग्रह किया गया है।
जिले में बाल श्रम के खिलाफ अभियान के जरिए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों को श्रम से मुक्त कर उनकी शिक्षा और विकास के अवसर सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
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