पटना: बिहार सरकार के निगरानी विभाग द्वारा आयोजित ‘बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस सप्ताह’ के मुख्य कार्यक्रम में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई गई। राजधानी पटना में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विशिष्ट अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी मौजूद रहे। इस बेहद खास मौके पर निगरानी विभाग के नए और आधुनिक ‘लोगो’ (Logo) का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचारियों को सीधी चेतावनी देते हुए कई बड़े ऐलान किए।
9 प्रमंडलों में खुलेंगे निगरानी थाने, बढ़ेगा जांच का दायरा
बिहार में भ्रष्टाचार की कड़ियों को समय रहते तोड़ने और भ्रष्ट अधिकारियों की जानकारी तुरंत हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब बिहार के सभी 9 प्रमंडलों (Divisions) में निगरानी विभाग के विशेष थाने खोले जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर ही भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
भ्रष्टाचारियों के घरों पर फिर खुलेंगे स्कूल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़ा निर्देश देते हुए कहा कि नीतीश कुमार की सरकार ने पहले भ्रष्टाचारियों की अवैध संपत्ति को जब्त कर उसमें स्कूल खोलने का ऐतिहासिक काम किया था। उन्होंने विभाग से सवालिया लहजे में कहा कि अभी यह काम क्यों रुका हुआ है? इस पर फिर से तेजी से काम शुरू होना चाहिए और भ्रष्ट अधिकारियों की काली कमाई से बनाई गई संपत्तियों को जब्त कर वहां स्कूल खोले जाने चाहिए। सरकार इस दिशा में पूरी सख्ती के साथ दोबारा काम करेगी। उन्होंने साफ कहा कि बिहार में अपराधियों और भ्रष्टाचारियों के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
9000 से अधिक अधिकारियों को मिल चुका है नोटिस
प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कोई भी व्यक्ति रातों-रात या एकाएक अमीर नहीं बन सकता। अगर कोई ऐसा अवैध तरीका अपनाता है, तो उसकी सही जगह सिर्फ और जेल है। उन्होंने कहा, “मैंने जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए समय सीमा तय कर दी है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी मुहिम के तहत पहले नोटिस में 9000 अधिकारियों को और दूसरे नोटिस में 350 से अधिक पदाधिकारियों को रडार पर लिया गया है। भ्रष्टाचार कहाँ-कहाँ और किस स्तर पर हो रहा है, यह हम सभी भली-भांति जानते हैं। हमारा एकमात्र लक्ष्य गरीबों को न्याय देना है।”
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार से भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए हमारी सरकार निगरानी विभाग और विशेष निगरानी इकाई (SVU) को और अधिक सशक्त और मजबूत बना रही है। ‘न्याय के साथ विकास’ के संकल्प को पूरा करने के लिए भ्रष्टाचार का खात्मा अनिवार्य है। पुलिस विभाग और हमारी विभिन्न जांच एजेंसियों के काम में किसी भी तरह का बाहरी हस्तक्षेप या दखलअंदाजी सही नहीं है, एजेंसियां पूरी स्वतंत्रता और बेहतर तरीके से काम करें। जो भी भ्रष्ट अधिकारी या अपराधी जनता की गाढ़ी कमाई लूटेगा, उसकी संपत्ति जब्त होगी और उसकी जगह जेल की सलाखों के पीछे होगी।
डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से ही बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक विशेष और ऐतिहासिक लड़ाई की शुरुआत हुई थी। सरकार ने हमेशा से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है और आगे भी पारदर्शिता के इस अभियान को पूरी मजबूती से जारी रखा जाएगा।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: बिहार में ‘वीबी-जी राम जी’ योजना लॉन्च, 15 दिन में काम नहीं मिला तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता!

ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड