औरंगाबाद/रोहतास: डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या ने बिहार में बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। जहां पुलिस इस हत्याकांड को ड्राइवर के साथ हुए विवाद का नतीजा बता रही है, वहीं मृतक की पत्नी ने सीधे तौर पर स्थानीय विधायक पर हत्या करवाने का गंभीर आरोप लगाया है।
मृतक की पत्नी बबीता देवी ने दावा किया है कि विधायक उनके पति से 50 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। आरोप है कि लगातार फोन कर दबाव बनाया जा रहा था और 29 जुलाई को मुलाकात भी हुई थी। उन्होंने कहा कि “मेरे पति को विधायक ने मरवाया है। आजकल मंत्री-विधायक सुरक्षित रहते हैं और सारा दोष अधिकारियों पर डाल दिया जाता है।”
दूसरी ओर, मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने बताया कि गिरफ्तार ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली है। पुलिस के अनुसार पटना जाते समय रास्ते में ड्राइवर और अधिकारी के बीच विवाद हुआ था। ड्राइवर टॉयलेट के लिए गाड़ी रोकना चाहता था, लेकिन मना करने पर झगड़ा बढ़ गया। इसी दौरान गाड़ी में रखी लोहे की रॉड से उसने कई वार किए, जिससे अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।
घटना औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र के घनौती पुल के पास हुई। घायल अवस्था में विमल कुमार को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में ड्राइवर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। वह पूछताछ के दौरान बार-बार बयान बदल रहा था और उसके कपड़ों पर खून के धब्बे भी मिले, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इधर, इस घटना के बाद पूरे बिहार में कार्यपालक पदाधिकारियों में भारी आक्रोश है। कई नगर परिषदों में काम ठप कर दिया गया है और अधिकारियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। मृतक के परिवार के लिए 5 करोड़ मुआवजा और नौकरी की मांग की जा रही है।
पटना में अधिकारी शव लेकर मुख्यमंत्री आवास जाने पर अड़ गए, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई।
फिलहाल पुलिस ड्राइवर के कबूलनामे के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है, लेकिन पत्नी के आरोपों ने मामले को पूरी तरह सियासी रंग दे दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह हत्या सिर्फ आपसी विवाद का नतीजा है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है।
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