बोकारो: बोकारो की धरती गुरुवार को पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग गई। सेक्टर-4 स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली गई, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जैसे ही भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा रथ पर विराजमान होकर निकले, पूरा शहर “जय जगन्नाथ” के जयकारों से गूंज उठा।
उत्कल सेवा समिति, बोकारो की ओर से आयोजित इस भव्य रथ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। लोग घंटों पहले से सड़क किनारे खड़े होकर भगवान के दर्शन का इंतजार करते नजर आए। बड़ी संख्या में भक्तों ने रथ की रस्सी खींचकर भगवान का आशीर्वाद लिया।
सेक्टर-4 से मौसीबाड़ी तक उमड़ी भीड़
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा सेक्टर-4 स्थित जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर BGH पथ, श्री कृष्ण सिंह चौक, सिटी सेंटर, महात्मा गांधी चौक, बोकारो मॉल और पंडित जवाहरलाल नेहरू चौक होते हुए मौसीबाड़ी राम मंदिर पहुंची।
पूरे यात्रा मार्ग को भव्य तरीके से सजाया गया था। जगह-जगह सामाजिक संगठनों और समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए लंगर, पानी और प्रसाद की व्यवस्था की गई थी।
देव स्नान पूर्णिमा के बाद निकले भगवान
मान्यता के अनुसार, 29 जून को भगवान जगन्नाथ का पवित्र स्नान ‘देव स्नान पूर्णिमा’ संपन्न हुआ था। इसके बाद भगवान को विशेष गजानन वेश में सजाया गया। परंपरा के अनुसार रथ यात्रा के बाद भगवान मौसीबाड़ी पहुंचते हैं, जहां वे 9 से 10 दिनों तक विश्राम करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था रही मजबूत
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी और यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया।
श्रद्धा और संस्कृति का दिखा संगम
रथ यात्रा में राजनीतिक, सामाजिक और शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। पूर्व विधायक बिरंची नारायण, सिटी डीएसपी राजीव रंजन सहित कई लोगों ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए।
भक्तों का कहना था कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का क्षण है। बोकारो की यह भव्य यात्रा एक बार फिर साबित कर गई कि आस्था और परंपरा लोगों को एक सूत्र में जोड़ती है।
