बोकारो: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने बीएसएल (बोकारो स्टील लिमिटेड) के विस्तार, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और रोजगार के मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। रविवार को बोकारो के टूटेन गार्डन में आयोजित प्रेस वार्ता में मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि 70 वर्षों बाद भी विस्थापित परिवारों को पूरी तरह न्याय नहीं मिल पाया है।
मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष ललित नारायण ने कहा कि बीएसएल के लिए कुल 34,188 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिससे लगभग 9,748 परिवार प्रभावित हुए। इनमें से केवल 5,342 परिवारों का ही पुनर्वास हो सका है, जबकि 4,406 परिवार अब भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि विस्थापितों के हिस्से की करीब 11,598 नौकरियां अब तक लंबित हैं।
नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रारंभिक दौर में किसानों की जमीन बेहद कम कीमत पर अधिग्रहित की गई थी और पुनर्वास के नाम पर मात्र 10 डिसमिल जमीन दी गई, जो वर्तमान समय में नाकाफी है। साथ ही यह भी कहा गया कि बीएसएल के 20 हजार करोड़ रुपये के विस्तार कार्य में 1,030 एकड़ जमीन पर निर्माण चल रहा है, जिसका मुआवजा आज तक रैयतों को नहीं मिला है।
मोर्चा ने मांग की है कि विस्तार परियोजना में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सभी रोजगार में स्थानीय विस्थापितों को प्राथमिकता दी जाए और लंबित पुनर्वास एवं मुआवजा मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए।
जिला अध्यक्ष राजदेव महथा ने चेतावनी दी कि यदि त्रिपक्षीय समझौते का पालन नहीं किया गया तो 10 जुलाई 2026 से उपायुक्त आवास का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़े: Jharkhand News : अवैध हथियार के साथ कुख्यात अपराधी मो. खालिद गिरफ्तार!