रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब पूरी तरह सियासी टकराव में बदल गया है। छात्रों पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया। राजधानी रांची समेत कई इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया, जबकि विधानसभा की ओर बढ़ रहे एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
इसी बीच झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के हित में सरकार कई परीक्षाओं को जल्द निरस्त करने जा रही है। उनके इस बयान के बाद भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाने के संकेत मिले हैं।
सदन में विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि विपक्ष को सरकार से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष की आशाएं इतनी ज्यादा हैं कि उन्हें पूरा करने में सरकार को कई जन्म लग जाएंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन में सियासी माहौल गरमा गया।
उधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हेमंत सरकार पर छात्रों के साथ कथित बर्बर व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है। साहू ने लाठीचार्ज, आंसू गैस, वाटर कैनन और बैरिकेडिंग का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा।
भाजपा ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। आदित्य साहू ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ खड़ी है तो उसे झारखंड सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।
झारखंड बंद के दौरान रांची के कई इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। लोवाडीह से 11 और नामकुम से 17 बंद समर्थकों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं मेन रोड, बरियातू और मोरहाबादी जैसे इलाकों में कई दुकानें खुली रहीं और यातायात सामान्य रहा।
विधानसभा के पुराने परिसर के पास एबीवीपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
फिलहाल जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन, सरकार का परीक्षाएं रद्द करने का संकेत और भाजपा का झारखंड बंद—इन तीनों मुद्दों ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार किन परीक्षाओं को रद्द करती है और छात्रों की बाकी मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है।
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