पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गुरुवार को पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते हुए उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और हाल ही में हुए भारत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी यादव ने इस पूरी कार्रवाई को ‘दिखावा’ करार दिया है।
तेजस्वी यादव ने भारत तिवारी एनकाउंटर मामले पर सरकार को घेरते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण में जो मुख्य नामजद आरोपी था, उसे सरकार ने डीएसपी (DSP) बना दिया है, जो यह साफ दर्शाता है कि यह पूरी कार्रवाई महज एक दिखावा है। राज्य में अपराधियों को पूरी तरह से संरक्षण प्राप्त है, उनके खिलाफ न तो कोई सुनवाई होती है और न ही कोई कड़ा एक्शन लिया जाता है। सत्ता में बैठे लोगों में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे मुख्यमंत्री के बिना कोई निर्णय ले सकें। हकीकत यह है कि बड़े अधिकारियों के मैसेज आने के बाद ही इस एनकाउंटर की पटकथा लिखी गई और कार्रवाई की गई।
प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि गृह मंत्रालय भी मुख्यमंत्री के पास ही है, ऐसे में इन प्रशासनिक फैसलों और पुलिसिया दावों पर सवाल उठना बिल्कुल लाजिमी है। तेजस्वी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि यह एनकाउंटर अचानक नहीं हुआ, बल्कि बड़े अधिकारियों के मोबाइल मैसेज और ग्रीन सिग्नल के बाद ही इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
वहीं, बातचीत के दौरान जब मीडियाकर्मियों ने उनसे एक बेहद राजनीतिक और पेचीदा सवाल पूछा कि “अगर कोई व्यक्ति 30 दिनों तक जेल में रहता है, तो क्या वह आगे चलकर मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बन सकता है?”, इस सवाल पर तेजस्वी यादव ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली। उन्होंने कोई भी सीधा जवाब देने से साफ तौर पर परहेज किया और आगे बढ़ गए।

ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड