पटना: पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने टेंडर घोटाले को लेकर बिहार सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को “अंगूठा छाप CM” बताते हुए आरोप लगाया कि राज्य में बड़े घोटालों के मास्टरमाइंड तक जांच एजेंसियां नहीं पहुंच पाती हैं और छोटे कर्मचारियों को फंसा दिया जाता है।
तेजस्वी ने दावा किया कि 607 करोड़ रुपये इमरजेंसी फंड से निकाले गए, लेकिन इस पर सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि टेंडर घोटाले में जिन दो IAS अधिकारियों को सस्पेंड किया गया, उनका नाम चार्जशीट में क्यों नहीं शामिल किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि वे “भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह” बन चुके हैं और उनके शासन में लगातार घोटाले सामने आते रहे हैं, लेकिन बड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं होती।
रिशु श्री केस: क्या है पूरा मामला?
पटना NIT से बीटेक रिशु श्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा एक हाई-प्रोफाइल ठेकेदार और कथित बिचौलिया बताया जा रहा है, जो अपनी कंपनी के जरिए सरकारी टेंडरों में सक्रिय था। बिहार के प्रशासनिक हलकों में उसे “टेंडर माफिया” के रूप में भी जाना जाता है।
बताया जाता है कि वह बड़ी कंपनियों और सरकारी विभागों के बीच ‘लायजनिंग’ का काम करता था और टेंडर दिलाने के बदले 5 से 7 प्रतिशत तक कमीशन लेता था। इस रकम का एक हिस्सा कथित तौर पर अधिकारियों तक पहुंचाया जाता था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
बिहार पुलिस की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने 27-28 मई 2026 की रात रिशु श्री को पटना के मीठापुर स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छापेमारी के दौरान उसके घर से लगभग 2.5 लाख रुपये नकद, करीब 2 करोड़ रुपये के जेवरात और 60 से अधिक जमीनों के दस्तावेज बरामद किए गए। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया है।
जांच में क्या सामने आया?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, रिशु श्री ने अधिकारियों के साथ मिलकर एक संगठित नेटवर्क तैयार किया था, जिसमें टेंडर प्रक्रिया के जरिए अवैध कमाई का खेल चलता था। डिजिटल डिवाइस से मिली एक्सेल शीट में कथित घूस को “डिपार्टमेंटल एक्सपेंस” के नाम से दर्ज किया गया था।
सियासी बयानबाजी तेज
तेजस्वी यादव ने कहा कि “रिशु श्री सिर्फ एक झलक है” और बिहार में भ्रष्टाचार का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा और सरकार को जवाब देना होगा।
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