बोकारो: एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर बोकारो स्टील प्रबंधन (BSL) द्वारा एलोरा हॉस्टल के आवासों पर नोटिस चिपकाए जाने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। नोटिस में आवास खाली करने का निर्देश दिया गया है, जिससे वहां रह रहे कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह आदेश कोर्ट द्वारा वर्ष 2024 में ही दिया गया था, लेकिन करीब तीन साल बाद बीएसएल द्वारा अचानक नोटिस चिपकाए जाने से लोगों के बीच असमंजस और आक्रोश की स्थिति बन गई है।
एलोरा हॉस्टल के इन आवासों में वर्तमान में हिंदुस्तान स्टील कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (HSCL) के कर्मचारी रह रहे हैं, जिन्हें कंपनी द्वारा लीज पर आवास आवंटित किया गया था। वर्ष 2008 में HSCL ने लिखित रूप से यह आश्वासन दिया था कि आवासों को हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
हालांकि, अब बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के ही आवास खाली करने का निर्देश दिए जाने पर आवास धारकों ने कड़ा विरोध जताया है। लोगों का कहना है कि वे एयरपोर्ट विस्तार का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पहले कहीं व्यवस्थित किया जाए, उसके बाद वे स्वेच्छा से आवास खाली कर देंगे।
इस मामले में बीएसएल कर्मी उमेश कुमार मालाकार ने कहा कि उन्हें केवल नोटिस चिपकाने का आदेश मिला है और वे अपने निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
वहीं स्थानीय निवासी मंजू देवी और राजीव मिश्रा सहित अन्य लोगों ने भी प्रशासन और प्रबंधन से पुनर्वास की मांग करते हुए जल्द समाधान निकालने की अपील की है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोगों की नजरें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
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