लखनऊ के हजरतगंज में रविवार को एक बैठक हुई, लेकिन ये कोई साधारण मीटिंग नहीं थी—यहां तय हो रहा था सेवा, नेतृत्व और समाज के भविष्य का नया खाका। मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने एक बार फिर दिखा दिया कि बदलाव सिर्फ नारों से नहीं, संगठित प्रयासों से आता है।
महिला शाखा (श्रद्धा) की इस अहम बैठक में सत्र 2025-26 का समापन हुआ, लेकिन असली चर्चा 2026-27 के नए सफर को लेकर रही। मंच की अध्यक्ष दीप्ती मित्तल ने नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए साफ कहा—“अब सिर्फ विस्तार नहीं, असर दिखाने का समय है।”

नई टीम में नीलू अग्रवाल को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि वर्षा सिंघानिया को सचिव और इंदु अग्रवाल को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इन नामों के साथ ही संगठन ने साफ संदेश दे दिया कि अनुभव और ऊर्जा का संतुलन ही आगे की ताकत होगा।
लेकिन यह बैठक सिर्फ पदों की घोषणा तक सीमित नहीं रही। यहां उन मुद्दों पर भी गहराई से चर्चा हुई, जो समाज की जमीनी हकीकत से जुड़े हैं—वृद्धाश्रम में सेवा, दिव्यांगों की मदद, मलिन बस्तियों के बच्चों को शिक्षा और आपात स्थितियों में जनसहायता। हर सदस्य ने अपने अनुभव साझा किए और एक बात पर सहमति बनी—“सेवा ही संगठन की असली पहचान है।”
बैठक में यह भी तय हुआ कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश की राज्यपाल से मुलाकात करेगा, ताकि संगठन के उद्देश्यों और योजनाओं को उनके सामने रखा जा सके और मार्गदर्शन लिया जा सके।
गौरतलब है कि महिला शाखा (श्रद्धा) की प्रदेशभर में 30 से ज्यादा महिला शाखाएं सक्रिय हैं, जबकि इसका मुख्य कार्यालय गोरखपुर में स्थित है। यह नेटवर्क अब सिर्फ संगठन नहीं, बल्कि एक मिशन बन चुका है—जहां हर महिला बदलाव की भागीदार है।
बैठक में सीमा अग्रवाल, प्रतिमा अग्रवाल, अनीता अग्रवाल, जूली टेकरीवाल, सौम्या अग्रवाल और नेहा अग्रवाल सहित कई सदस्यों ने भाग लिया और समाज सेवा को लेकर अपने विचार रखे।
इस पूरी कवायद ने एक बात साफ कर दी—ये सिर्फ नई कार्यकारिणी नहीं, बल्कि “नई सोच, नई दिशा और नई ऊर्जा” का ऐलान है।
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