मुंगेर: अब गांव के छात्रों को ग्रेजुएशन के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा। मुंगेर विश्वविद्यालय ने अपने अधीन आने वाले जिलों में नए राजकीय डिग्री महाविद्यालय खोलने की पूरी सूची जारी कर दी है। खास बात यह है कि इन कॉलेजों की शुरुआत फिलहाल स्थानीय स्कूलों में ही की जाएगी, ताकि पढ़ाई तुरंत शुरू हो सके।
मुंगेर जिले में राजकीय डिग्री महाविद्यालय बरियारपुर की शुरुआत मध्य विद्यालय, महदेवा में होगी। धरहरा में यह कॉलेज कुमार रामानंद स्मारक उच्च विद्यालय में चलेगा, जबकि टेटियाबंबर का कॉलेज श्री रंगनाथ उच्च विद्यालय, बनहरा में संचालित होगा।
जमुई जिले में खैरा का कॉलेज +2 उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बाधाखांड़ में खुलेगा। सोनो में +2 राज्य संपोषित उच्च विद्यालय को इसके लिए चुना गया है। लक्ष्मीपुर में +2 उत्क्रमित उच्च विद्यालय, हरला और इस्लामनगर अलीगंज में +2 उत्क्रमित उच्च विद्यालय, मिर्जागंज में कॉलेज की शुरुआत होगी।
खगड़िया जिले के चौथम में उच्च माध्यमिक विद्यालय, पहाड़चक और मानसी में उच्च माध्यमिक विद्यालय, मानसी घरारी को कॉलेज संचालन के लिए चिन्हित किया गया है।
लखीसराय जिले में पिपरिया का कॉलेज उत्क्रमित मध्य विद्यालय (कन्या), वलीपुर में चलेगा। हलसी में उत्क्रमित उच्च विद्यालय, तरहारी, चानन में आर.एस. हाई स्कूल, मननपुर और रामगढ़ चौक में श्री राम स्नेही +2 उच्च विद्यालय, परसावां को इसके लिए चुना गया है।
शेखपुरा जिले के घाटकुसुम्भा में मध्य विद्यालय, बामघाट, चेवाड़ा में मॉडल विद्यालय भवन तथा शेखोपुरसराय में मध्य विद्यालय, बेलांव और अरियरी में मध्य विद्यालय, ससबहना में कॉलेज खोलने के लिए चिन्हित किया गया है।
अब तक इन क्षेत्रों के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता था, जिससे पढ़ाई में कई तरह की बाधाएं आती थीं। लेकिन अब अपने ही प्रखंड में कॉलेज मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी और खासकर ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह पहल बिहार में “गांव में ही ग्रेजुएशन” के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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