कटिहार से एक दिल छू लेने वाली और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश की है।
कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने महज 12 घंटे के भीतर एक दिव्यांग बच्ची तक मदद पहुंचाकर उसकी जिंदगी आसान बना दी।
मामला हसनगंज प्रखंड के बलुआ पंचायत स्थित भारीडीह गांव का है, जहां अवधेश महतो की दिव्यांग पुत्री नेहा कुमारी को चलने-फिरने और स्कूल आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। उसकी परेशानी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर ट्राइसाइकिल की मांग की गई थी।
जैसे ही यह जानकारी डीएम तक पहुंची, उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर नेहा के घर तक ट्राइसाइकिल पहुंचा दी।
अब तक जो बच्ची चलने में असमर्थ थी और जिसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, उसके चेहरे पर ट्राइसाइकिल मिलने के बाद मुस्कान लौट आई है। यह पहल न सिर्फ उसकी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाएगी, बल्कि उसके सपनों को भी नई उड़ान देगी।
डीएम ने इस मौके पर अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिले के सभी स्कूलों में दिव्यांग बच्चों का सर्वे कराया जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों तक समय पर सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
छोटी सी नेहा का सपना बड़ा है—वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहती है। जिला प्रशासन की यह पहल दिखाती है कि अगर नीयत साफ हो और इरादे मजबूत हों, तो बदलाव लाने में वक्त नहीं लगता।
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कटिहार से सुमन शर्मा की रिपोर्ट…