पटना के कारगिल चौक पर 20 अप्रैल 2026 को आयोजित “आक्रोश मार्च” में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस रैली में भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर इंडी गठबंधन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।
कार्यक्रम में सीएम सम्राट चौधरी, रेणु देवी, डॉ. धर्मशिला गुप्ता, श्रेयसी सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लोकसभा में रोके जाने से महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को ठेस पहुंची है।

इस आक्रोश मार्च में शेखपुरा से भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। जिला भाजपा अध्यक्ष रेशमा भारती के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता पटना पहुंचे और रैली में सक्रिय रूप से शामिल हुए। उनके साथ महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष नीतू सिंह, जिला महामंत्री रूपा वर्नवाल, पूर्वी मंडल अध्यक्ष उषा सिंह सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रैली के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जो लोग महिलाओं को उनका हक देने से पीछे हट रहे हैं, उन्हें जनता जवाब देगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा अब सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि देश की हर बेटी और बहन के सम्मान से जुड़ा हुआ है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यह जनआक्रोश अब पटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिहार के हर जिले और गांव तक पहुंचेगा। इसे एक व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा, ताकि नारी सम्मान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में माताओं-बहनों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने इसे एक बड़े राजनीतिक प्रदर्शन का रूप दे दिया। यह रैली आने वाले समय में बिहार की सियासत में इस मुद्दे को और तेज करने का संकेत भी दे रही है।
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