शेखपुरा: जिले में जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी पुरानी गड़बड़ियों को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। शेखपुरा जिला प्रशासन के निर्देश पर शेखोपुर सराय अंचल में भूमि अभिलेखों को दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी गई है। बेलाव और शेखपुरडीह मौजा में कैंप लगाकर रैयतों की जमाबंदी और पुराने भूमि रिकॉर्ड की जांच शुरू की गई है।
अंचलाधिकारी विकेश कुमार सिंह ने कैंप का निरीक्षण कर राजस्व कर्मियों और विशेष सर्वेक्षण अमीन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का लक्ष्य दस्तावेजों के आधार पर जमाबंदी को अपडेट करना और रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को दूर करना है।
रजिस्टर-2 से खुलेगा जमाबंदी का ‘सच’
जमाबंदी में दर्ज जानकारी का मिलान मूल रजिस्टर-2 की स्कैन कॉपी से किया जाएगा। नाम, खाता, खेसरा, रकबा अथवा अन्य विवरण में अंतर मिलने पर संबंधित दस्तावेजों के आधार पर सुधार किया जाएगा।
अगर दस्तावेजों से स्थिति स्पष्ट नहीं होती है, तो जरूरत के अनुसार स्थल मापी कराकर जमीन की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाएगा।
मृत जमाबंदीदारों के वारिसों का भी जुड़ेगा नाम
अभियान में मृत जमाबंदीदारों के वैध उत्तराधिकारियों के नाम रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया भी शामिल है। इससे पुरानी जमाबंदियों को अपडेट करने के साथ जमीन के अधिकार को लेकर भविष्य में होने वाले विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।
रैयतों से नहीं लिया जाएगा शुल्क
जमाबंदी सुधार की इस प्रक्रिया के लिए रैयतों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रशासन के अनुसार इसके लिए अलग से आवेदन करने की भी आवश्यकता नहीं है।
हालांकि, जमीन से संबंधित रिकॉर्ड को दुरुस्त कराने के लिए रैयतों को अपने पास उपलब्ध जरूरी दस्तावेज राजस्व कर्मियों को उपलब्ध कराने होंगे।
बेलाव और शेखपुरडीह में कैंप, मौके पर जुटे कर्मचारी
गुरुवार को बेलाव एवं शेखपुरडीह मौजा में लगाए गए कैंप में राजस्व कर्मियों और विशेष सर्वेक्षण अमीन ने रैयतों से दस्तावेज एवं साक्ष्य लिए। अंचलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर चल रही प्रक्रिया का जायजा लिया और कर्मियों को रिकॉर्ड की जांच में पूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए।
शेखपुरा में जमीन विवादों पर भी पड़ेगा असर
भूमि रिकॉर्ड में नाम या जमीन के विवरण की छोटी-सी गलती कई बार बड़े विवाद का कारण बन जाती है। ऐसे में जमाबंदी को दस्तावेजों के आधार पर अपडेट करने की यह प्रक्रिया जमीन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासन ने रैयतों और किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपनी जमीन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि शेखपुरा जिले के भूमि रिकॉर्ड को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सके।
प्रशासन का संदेश साफ है—जमीन आपकी है तो कागज भी दुरुस्त रखें, क्योंकि अब जमाबंदी की हर गड़बड़ी दस्तावेजों की कसौटी पर परखी जाएगी।
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