शेखपुरा: बिहार राज्य आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) के बैनर तले सोमवार, 25 अगस्त को बाल विकास परियोजना कार्यालय अरियरी के मुख्यालय पर आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और मांगों के जल्द समाधान की मांग की।
धरने की अध्यक्षता यूनियन की नेत्री संजू कुमारी ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऐक्टू नेता कमलेश प्रसाद ने आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सेविका-सहायिकाएं लंबे समय से अल्प मानदेय पर काम कर रही हैं। बढ़ती महंगाई के बीच कम मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
मानदेय बढ़ाने की मांग
कमलेश प्रसाद ने सरकार से आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के मानदेय में तत्काल वृद्धि करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए।
यूनियन नेत्री संजू कुमारी ने कहा कि धरना सरकार को कर्मियों की मांगों के प्रति आगाह करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन आगे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होगा।
नियमितीकरण और पेंशन समेत कई मांगें
धरने के दौरान आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने कई मांगों को प्रमुखता से उठाया। इनमें मानदेय में वृद्धि, नियमित सरकारी कर्मचारी का दर्जा, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और सामाजिक सुरक्षा का लाभ शामिल है।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बेहतर कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से जल्द कार्रवाई की अपील की।
कई कार्यकर्ताओं ने रखी अपनी बात
कार्यक्रम को ममता कुमारी, अनिता कुमारी, सुनीता कुमारी और रीता कुमारी समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं बाल विकास और पोषण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं, इसलिए सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए।
धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। यूनियन ने कहा कि मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आगे आंदोलन का विस्तार किया जाएगा।
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