पटना: बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाले शिक्षा ऋण को लेकर पिछले चार दिनों से चल रहा असमंजस अब खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को साफ कर दिया कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए पहले की तरह 4 लाख रुपए तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड मिलता रहेगा। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए छात्रों और अभिभावकों से किसी तरह का भ्रम नहीं रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आर्थिक संसाधनों की कमी को शिक्षा के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। यानी फिलहाल योजना की अधिकतम सहायता राशि 4 लाख रुपए ही रहेगी।
2 लाख की खबर के बाद मचा था सियासी बवाल
दरअसल, 19 अगस्त को उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर स्थिति बदलती हुई नजर आई थी। इसमें बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से 2 लाख रुपए तक की सहायता की व्यवस्था की बात सामने आई थी। इसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सीमा 4 लाख से घटाकर 2 लाख कर दी है।
इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार की आर्थिक स्थिति और छात्रों को मिलने वाली सहायता को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सफाई देते हुए कहा था कि सहायता का दायरा खत्म नहीं किया गया है, बल्कि 2 लाख से ऊपर की राशि के लिए बैंक और अन्य केंद्रीय योजनाओं को जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
सरकार की सफाई के बाद भी बना रहा कन्फ्यूजन
शिक्षा विभाग के मुताबिक, पहले बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के जरिए 4 लाख रुपए तक की राशि उपलब्ध कराई जाती थी। नई व्यवस्था में 2 लाख रुपए तक का ऋण राज्य शिक्षा वित्त निगम से और 2 से 4 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। योजना को पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और अन्य संस्थागत वित्तीय सहायता से जोड़ने का भी उद्देश्य बताया गया था।
लेकिन छात्रों और अभिभावकों के बीच यह सवाल बना रहा कि आखिर उन्हें 4 लाख रुपए मिलेंगे या सिर्फ 2 लाख। अब मुख्यमंत्री के सीधे बयान के बाद सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 4 लाख रुपए तक की सुविधा पूर्ववत जारी रहेगी।
चार दिन में राज्यपाल से दूसरी मुलाकात
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को लेकर सरकार की सफाई के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की राज्यपाल से मुलाकात भी चर्चा में है। मुख्यमंत्री ने चार दिनों के भीतर दूसरी बार राज्यपाल से मुलाकात की है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पहले भी कई फैसलों पर सरकार को करना पड़ा था स्पष्टीकरण
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का मामला ऐसा पहला मुद्दा नहीं है, जिस पर सरकार को फैसला स्पष्ट करना पड़ा हो। इससे पहले स्टेट हाईवे पर टोल, सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन की खरीद-बिक्री और मुख्यमंत्री आवास से जुड़े फैसलों को लेकर भी सरकार को विरोध और विवाद का सामना करना पड़ा था।
स्टेट हाईवे की टोल नीति को लेकर पहले निजी वाहनों पर टोल की आशंका बनी थी। बाद में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निजी वाहनों पर टोल नहीं लगेगा और टोल मुख्य रूप से कमर्शियल वाहनों से संबंधित होगा।
इसी तरह सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक के फैसले के बाद जमीन मालिकों में नाराजगी सामने आई। बाद में सरकार ने गंभीर बीमारी, शादी और आपात जरूरतों जैसी परिस्थितियों में जमीन बिक्री के लिए व्यवस्था में राहत दी।
छात्रों के लिए फिलहाल तस्वीर साफ
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को लेकर सरकार के ताजा रुख से सबसे बड़ी राहत उन विद्यार्थियों को मिली है, जो उच्च शिक्षा के लिए इस योजना पर निर्भर हैं। मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब साफ है कि उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपए तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध रहेगा।
हालांकि, 2 लाख रुपए तक की सहायता राज्य शिक्षा वित्त निगम और बाकी राशि बैंक/अन्य वित्तीय माध्यमों से उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था को लेकर विस्तृत प्रक्रिया और पात्रता शर्तों की जानकारी संबंधित विभाग की ओर से स्पष्ट की जानी बाकी है।
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