रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के बरकाकाना क्षेत्र स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्लांट में शुक्रवार देर रात टरबाइन में जोरदार ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई। हादसे में तीन इंजीनियरों की मौत हो गई, जबकि एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस के अनुसार हादसे की सटीक वजह की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। कई फायर टेंडरों की मदद से आग पर काबू पाया गया।
मृतकों की पहचान संजीव कुमार केसरी, विनीत महतो और अभिषेक पांडेय के रूप में हुई है। घायल कर्मचारी तरुण रजवार का इलाज चल रहा है।
ओवरहीटिंग और कूलिंग सिस्टम पर उठे सवाल
प्रारंभिक जानकारी में प्लांट के पावर सिस्टम में अत्यधिक तापमान बढ़ने और सुरक्षा प्रणाली के प्रभावित होने की बात सामने आई है। इसके बाद टरबाइन के ओवरस्पीड होने से ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम कारण तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फैक्ट्री कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कंट्रोल रूम में तापमान बढ़ने और कूलिंग व्यवस्था से जुड़ी समस्या की जानकारी प्रबंधन को पहले दी गई थी। कर्मचारियों का दावा है कि समय पर जरूरी कदम नहीं उठाए गए। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच अभी बाकी है।
मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर विरोध
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा और आश्रितों को नौकरी देने की मांग उठाई है। घटना के विरोध में लोगों ने रामगढ़-पतरातू मार्ग पर भी विरोध जताया। पुलिस और फैक्ट्री प्रबंधन प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर रहे हैं।
जांच के लिए टीम भेजी गई
मुख्य फैक्ट्री निरीक्षक की ओर से घटना की जांच के लिए टीम भेजी गई है। जांच में ब्लास्ट की तकनीकी वजह, सुरक्षा प्रणाली, तापमान नियंत्रण और फैक्ट्री में अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों की सुरक्षा और नियमित उपकरण रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी से हुआ या सुरक्षा व्यवस्था में किसी लापरवाही की भूमिका रही।
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