पटना: बिहार में उच्च शिक्षा और नियुक्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे PhD होल्डर्स और अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने शनिवार को पटना में लोकभवन मार्च निकाला। पिछले 19 दिनों से आमरण अनशन कर रहे प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में आर ब्लॉक चौराहे पर जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने आर ब्लॉक चौराहे पर डबल लेयर बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए और उसे पार कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। मौके पर पुलिस बल के साथ रैपिड एक्शन फोर्स की भी तैनाती की गई है।
UGC नियमों के पालन और उम्र सीमा बढ़ाने की मांग
प्रदर्शन कर रहे PhD होल्डर्स की प्रमुख मांगों में प्रोफेसर और सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति में UGC के नियमों का पालन, उम्र सीमा में बढ़ोतरी और राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित नए नियमों का विरोध शामिल है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से अतिथि सहायक प्राध्यापक के तौर पर काम करने के बावजूद उनकी नौकरी की स्थिरता को लेकर लगातार अनिश्चितता बनी हुई है।
11 महीने के लिए नियुक्त हुए, 8 साल से पढ़ा रहे
प्रदर्शन में शामिल असिस्टेंट गेस्ट प्रोफेसर डॉ. नितिन कुमार ने कहा कि उन्हें और उनके जैसे अन्य अतिथि सहायक प्राध्यापकों को शुरुआत में 11 महीने के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन वे करीब आठ वर्षों से लगातार काम कर रहे हैं।
उनका कहना है कि वर्षों तक उच्च शिक्षा व्यवस्था में योगदान देने के बाद अब नौकरी जाने की चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को सरकार के सामने रखना उनका अधिकार है और इसी उद्देश्य से लोकभवन मार्च किया जा रहा है।
वहीं प्रदर्शन में शामिल डॉ. निखिल कुमार ने कहा कि वे अतिथि सहायक शिक्षक हैं और उनकी नौकरी को लेकर हमेशा अनिश्चितता बनी रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उच्च शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आंदोलन कर रहे हैं।
हमने शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाया, अब हमें ही निकाल रहे
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक कॉलेजों में शिक्षण कार्य कर उच्च शिक्षा व्यवस्था को चलाने में योगदान दिया है। उनका आरोप है कि अब उन्हीं शिक्षकों को व्यवस्था से बाहर करने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि लंबे समय से कार्यरत अतिथि सहायक प्राध्यापकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए और नियुक्ति प्रक्रिया में उनके अनुभव को उचित महत्व दिया जाए।
आर ब्लॉक पर 100 से अधिक जवान तैनात
लोकभवन मार्च को देखते हुए पटना प्रशासन ने आर ब्लॉक से लेकर लोकभवन की ओर जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आर ब्लॉक चौराहे पर 100 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख चौक-चौराहों पर भी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर वाटर कैनन भी रखे गए हैं। प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है।
नेताओं और शिक्षकों का भी मिला समर्थन
PhD होल्डर्स के आंदोलन को राजनीतिक और शिक्षक संगठनों की ओर से भी समर्थन मिलने की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, चिराग पासवान ने भी उनकी मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से गेस्ट फैकल्टी को प्राथमिकता देने की मांग की थी।
फिलहाल आर ब्लॉक पर प्रदर्शन जारी है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और बैरिकेडिंग पार करने से रोकने में जुटी है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर लोकभवन की ओर मार्च करने पर अड़े हुए हैं।
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