पटना: बिहार सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के परिवारों के लिए बड़ा फैसला लिया है। कार्यकाल के दौरान पंचायत प्रतिनिधि की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा। इसी योजना के तहत पंचायती राज विभाग ने 10 मृत पंचायत प्रतिनिधियों के आश्रितों के लिए कुल 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है।
यह राशि पूर्णिया, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण और बेगूसराय जिले के संबंधित परिवारों को मिलेगी।
2025 के संकल्प के आधार पर लागू हुई योजना
पंचायती राज विभाग के अनुसार, राज्य सरकार ने 27 जून 2025 को इस संबंध में संकल्प जारी किया था। इसके तहत त्रिस्तरीय पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि की पद पर बने रहने की अवधि के दौरान मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का प्रावधान किया गया है।
अब इसी व्यवस्था के तहत 10 पंचायत प्रतिनिधियों के परिवारों के लिए राशि मंजूर की गई है।
पूर्णिया के छह परिवारों को मिलेगा लाभ
स्वीकृत लाभार्थियों में सबसे ज्यादा छह प्रतिनिधि पूर्णिया जिले से हैं। इनमें वार्ड सदस्य बहुरी राम, सरिता रानी, तथा पंच राजेन्द्र महतो, राजेश कुमार मंडल, उमा लाल राय और रामविलास मंडल शामिल हैं।
इन सभी के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी।
तीन अन्य जिलों के परिवार भी शामिल
इसके अलावा बेगूसराय की पंच रामकली देवी, मधेपुरा के वार्ड सदस्य दीपक कुमार और ग्राम पंचायत सदस्य बेचो देवी, जबकि पूर्वी चंपारण की उप मुखिया लवंगी देवी के आश्रितों को भी पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।
इस तरह कुल 10 परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा।
सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी राशि
पंचायती राज विभाग ने संबंधित जिलाधिकारियों को राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि सहायता राशि बिना अनावश्यक प्रक्रिया के मृत पंचायत प्रतिनिधियों के परिवारों तक पहुंचाई जा सके।
पंचायत चुनाव से पहले सरकार का अहम कदम
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब बिहार में आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। फिलहाल 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया जारी है। परिसीमन के बाद पंचायत प्रतिनिधियों की संख्या में बदलाव की संभावना है और नए आरक्षण रोस्टर के साथ चुनाव कराए जाने हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद लागू की गई यह योजना कार्यकाल के दौरान जनप्रतिनिधि की मृत्यु होने की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक सहारा देगी।
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