मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के सुगौली स्थित भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय में अव्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों का आक्रोश सामने आया। खराब भोजन, पढ़ाई की व्यवस्था और स्कूल की बदहाल सुविधाओं का आरोप लगाते हुए छात्र करीब 20 घंटे तक धरने और भूख हड़ताल पर बैठे रहे। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारियों की टीम विद्यालय पहुंची और छात्रों की शिकायतें सुनीं।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
मेन्यू के मुताबिक खाना नहीं मिलने का आरोप
छात्रों ने अधिकारियों से शिकायत की कि उन्हें निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता है। उनका आरोप है कि भोजन की गुणवत्ता भी खराब रहती है और कई बार खाने की सामग्री में कीड़े मिलने की स्थिति सामने आई है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि बीती रात खराब भोजन की शिकायत करने पर एक छात्र के साथ मारपीट की गई और उसे कमरे में बंद कर दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
टूटी रेलिंग से लेकर खराब RO तक की शिकायत
छात्रों ने विद्यालय की कई अन्य समस्याओं को भी अधिकारियों के सामने रखा। उनके अनुसार, कुछ दिन पहले सीढ़ी की टूटी रेलिंग के कारण एक छात्र गिर गया था। परिसर में कई नल खराब हैं और आरओ भी काम नहीं कर रहा है। इंटरनेट सुविधा को लेकर भी छात्रों ने परेशानी बताई।
एक अन्य छात्र ने बताया कि विद्यालय में कक्षा एक से 12वीं तक करीब 500 छात्रों का नामांकन है, जबकि उपलब्ध बेड की संख्या करीब 300 है। छात्रों के अनुसार, इस वजह से आवासीय व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
जांच में सामने आईं कई खामियां
छात्रों के धरने की जानकारी मिलने के बाद डीएम सौरभ सुमन यादव, सदर एसडीएम अरुण कुमार, एसडीपीओ दिलीप कुमार सिंह, सहायक कल्याण निदेशक ललन ऋषि समेत अन्य अधिकारी विद्यालय पहुंचे।
अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत करने के साथ विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जांच के दौरान भोजन, साफ-सफाई, पेयजल, आरओ, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां सामने आने की बात कही गई।
खाना बनाने वाली टीम बदलने का निर्देश
जांच के बाद अधिकारियों ने तत्काल विद्यालय में खाना बनाने वाली टीम को बदलने का निर्देश दिया। साथ ही छात्रों की मेस कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया, जो प्रतिदिन भोजन की गुणवत्ता की निगरानी करेगी।
विद्यालय में साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल, आरओ और सीढ़ी की रेलिंग को दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्राचार्य की भूमिका की भी होगी जांच
सदर एसडीएम अरुण कुमार ने कहा कि विद्यालय की अव्यवस्था और कुप्रबंधन से संबंधित पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। प्राचार्य की भूमिका की भी जांच होगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम सौरभ सुमन यादव ने बताया कि बच्चों के अनशन की सूचना मिलने के बाद टीम को विद्यालय भेजा गया था। जांच में भोजन की गुणवत्ता खराब पाए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद खाना बनाने वाली टीम को तत्काल बदल दिया गया। उन्होंने प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को लिखे जाने की भी जानकारी दी।
प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों ने करीब 20 घंटे से जारी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। अब छात्रों की शिकायतों पर विभागीय कार्रवाई और विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार की निगरानी महत्वपूर्ण होगी।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: बेतिया में थाने पर धावा, गिरफ्तार महिला को छुड़ाने पहुंचे ग्रामीण, पुलिस से भिड़े; 9 गिरफ्तार!