लखीसराय: जिले के चानन प्रखंड अंतर्गत भलुई एवं संग्रामपुर पंचायत के पहाड़ी क्षेत्रों तथा प्राकृतिक वैली को हर्बल मेडिसिनल गार्डन के रूप में विकसित करने की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला प्रशासन, कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय तथा बिहार कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 20 प्रकार के दुर्लभ औषधीय पौधों और बीजों के रोपण कार्य का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, अपर समाहर्ता नीरज कुमार तथा जिला उद्यान पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने जनजातीय ग्रामीणों के साथ मिलकर कालमेघ एवं तुलसी के बीजों की खुले खेत में बुआई की। साथ ही विभिन्न औषधीय पौधों के बेड तैयार कर ग्रामीणों के सहयोग से पौधरोपण किया गया।
रोपित किए गए प्रमुख औषधीय पौधों में वच, अजवाइन, काली हल्दी, कोलियस, हथजोड़, तीतराज, शतावर, काली मूसली, पत्थर चूड़, अश्वगंधा, एलोवेरा, गुग्गुल, अनंतमूल, दम बेल, सेंट्रीनोला, लेमनग्रास, सिंधुवार, पीपली और कालमेघ शामिल हैं। प्रत्येक प्रजाति के पांच-पांच पौधे लगाकर हर्बल गार्डन की आधारशिला रखी गई।
इस अवसर पर ग्रामीणों को औषधीय पौधों के महत्व, उनकी व्यावसायिक उपयोगिता तथा खेती से होने वाले आर्थिक लाभों की जानकारी दी गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को डीबीटी पोर्टल पर निबंधन कराने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कृषि यंत्रों के वितरण एवं निबंधन के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
गौरतलब है कि इससे पूर्व जिलाधिकारी एवं जिला प्रशासन की टीम ने इस क्षेत्र का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता और संभावनाओं का आकलन किया था। कृषि एवं उद्यान विभाग के वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र को “वैली ऑफ हर्बल मेडिसिनल गार्डन” के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया था। उसी योजना के तहत बिहार कृषि विश्वविद्यालय से प्राप्त दुर्लभ पौधों और बीजों का रोपण कर परियोजना की औपचारिक शुरुआत की गई।
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कहा कि औषधीय पौधों की खेती किसानों को धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर नकदी फसलों की ओर प्रेरित करेगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र में उद्यानिकी आधारित व्यवसाय, प्रोसेसिंग यूनिट, डिस्टिलेशन सेंटर तथा कृषि यंत्रों की अनुदानित व्यवस्था जैसी नई संभावनाएं विकसित होंगी।
उन्होंने जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन के प्रयासों तथा क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों द्वारा नई खेती को अपनाने की सराहना भी की।
कार्यक्रम में जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण आनंद कुमार, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण किशन कुमार, सहायक निदेशक भूमि संरक्षण अशोक कुमार, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी चंदन कुमार सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं महजनमा गांव के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
ये खबर भी पढ़े: Jharkhand: झारखंड में छात्र आंदोलन का 23वां दिन, हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का पुतला फूंका, कल होगी चौथे दौर की वार्ता!