नालंदा: नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों की परेशानी अब तकनीकी दिक्कतों से बढ़ गई है। बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्य 4,817 के मुकाबले 5,060 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन इनमें से महज 20 आवेदन ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सके हैं।
सबसे बड़ी बाधा OTP सत्यापन बनकर सामने आई है। ऑफलाइन आवेदन लेने के बाद जब उसे पोर्टल पर दर्ज किया जाता है, तो OTP की जरूरत पड़ती है। कई मामलों में OTP समय पर नहीं पहुंचने के कारण आवेदन आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
पोर्टल की तकनीकी खामियों ने बढ़ाई परेशानी
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के मुताबिक स्मार्ट PDS पोर्टल पर लगातार तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। कई बार आवेदक कार्यालय से लौट जाते हैं और उसके बाद OTP आता है, जिससे कर्मचारियों को दोबारा आवेदकों से संपर्क करना पड़ता है।
सिर्फ OTP ही नहीं, ई-केवाईसी और दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन को अंतिम रूप से सबमिट करने में भी दिक्कत सामने आ रही है।
कार्यालय के चक्कर लगा रहे आवेदक
तकनीकी परेशानी का सीधा असर राशन कार्ड बनवाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। आवेदन जमा करने के बाद भी ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं होने से लोग अपनी स्थिति जानने के लिए बार-बार आपूर्ति कार्यालय पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्यालय आने-जाने में समय और पैसे दोनों खर्च हो रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
अधिकारियों तक पहुंची शिकायत
पोर्टल की तकनीकी समस्याओं की जानकारी जिला और अनुमंडल स्तर के अधिकारियों को दी जा चुकी है। सरकारी राशन व्यवस्था से जुड़े आधिकारिक पोर्टल भी उपलब्ध हैं, लेकिन नालंदा में नए आवेदनों की प्रक्रिया में तकनीकी अड़चन फिलहाल बड़ी चुनौती बनी हुई है।
5,060 आवेदन और सिर्फ 20 ऑनलाइन—आंकड़े बता रहे हैं कि राशन कार्ड की प्रक्रिया में सबसे बड़ी लड़ाई अब आवेदन जमा करने की नहीं, बल्कि उसे सिस्टम में सफलतापूर्वक दर्ज कराने की है।
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