चतरा: चतरा (टंडवा) से आई ये खबर सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम पर सीधा तमाचा है। दुष्कर्म के आरोप से भड़की भीड़ ने आरोपी युवक को ऐसा ‘सजा’ दी, जिसने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने युवक को घर से खींचा, सड़क पर घसीटा और लाठी-डंडों व पत्थरों से पीट-पीटकर उसकी जान ले ली।
मामला तब भड़का जब एक नाबालिग लड़की ने घर लौटकर अपने साथ हुए कथित दुष्कर्म की बात बताई। बस फिर क्या था—गांव में गुस्सा ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ा। कानून को दरकिनार कर भीड़ ने खुद ही ‘फैसला’ सुना दिया।
हैरानी की बात ये रही कि आरोपी का पिता भी इस गुस्से की चपेट में आ गया। उसे खंभे से बांधकर पीटा गया, मानो भीड़ इंसाफ नहीं, बदले की आग में अंधी हो चुकी थी। बीच-बचाव करने वालों को भी नहीं छोड़ा गया।
सबसे बड़ा सवाल—क्या उस वक्त पुलिस मौजूद थी? ग्रामीणों का आरोप है कि सब कुछ पुलिस के सामने हुआ, जबकि प्रशासन इसे सिरे से नकार रहा है। सच जो भी हो, लेकिन एक जान जा चुकी है और कई सवाल जिंदा हैं।
पुलिस ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हजारीबाग ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। अब पूरा इलाका छावनी बना हुआ है, वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान हो रही है और छापेमारी जारी है।
ये घटना सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं—ये चेतावनी है कि अगर सिस्टम कमजोर पड़ा, तो भीड़ ही ‘जज, ज्यूरी और जल्लाद’ बनती रहेगी।