पटना/देवघर: सावन की पहली सोमवारी पर बिहार और झारखंड में आस्था का अभूतपूर्व सैलाब देखने को मिला। सुबह होते ही मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं और पूरा माहौल ॐ नमः शिवाय और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैजनाथ धाम में श्रद्धालुओं की करीब 5 किलोमीटर लंबी लाइन लगी रही। कांवड़िया दूर-दूर से गंगाजल लेकर पहुंचे और घंटों इंतजार के बाद जलाभिषेक किया।
मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में रविवार रात 10 बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया था। सुबह तक 1 लाख से अधिक श्रद्धालु पूजा कर चुके थे, जबकि कुल संख्या डेढ़ लाख के आसपास पहुंचने का अनुमान है।
भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम में करीब 50 हजार भक्तों ने गंगा स्नान के बाद जलाभिषेक किया और कांवड़ लेकर देवघर के लिए रवाना हुए।
समस्तीपुर के विद्यापतिधाम मंदिर में सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालु कतार में लग गए। मंदिर के बाहर करीब 1 किलोमीटर लंबी लाइन देखने को मिली।
पटना, बेतिया, जहानाबाद, मधेपुरा और लखीसराय समेत लगभग पूरे बिहार के शिवालयों में भारी भीड़ उमड़ी। कई जगहों पर लोग रात 2 से 3 बजे के बीच ही लाइन में लग गए थे।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव हाजीपुर के हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
ज्योतिषीय दृष्टि से भी पहली सोमवारी खास मानी जा रही है। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग के शुभ संयोग में पूरे दिन जलाभिषेक का विशेष महत्व है। शाम को शिव-पार्वती का श्रृंगार पूजन किया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन पूजा करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
इस वर्ष सावन में कुल चार सोमवारी पड़ रहे हैं, जिनमें पहली आज और अंतिम 24 अगस्त को होगी।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। महावीर मंदिर में चार शिवलिंगों पर रुद्राभिषेक की व्यवस्था, फूलों से सजे मंडप और गर्मी से राहत के लिए एसी तक लगाए गए हैं। वहीं विराट रामायण मंदिर में अयोध्या से आए पुजारी रुद्राभिषेक करा रहे हैं।
इस बार की पहली सोमवारी ने साफ कर दिया कि सावन सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि जनसैलाब का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है—जहां हर तरफ बस एक ही गूंज है, हर-हर महादेव!