मुजफ्फरपुर: जिले के अहियापुर इलाके में जमीन विवाद से जुड़ा मामला अब राजनीतिक और पुलिस कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। बेलसंड से लोजपा (रामविलास) के विधायक अमित कुमार रानू के मुजफ्फरपुर स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की है। पुलिस के अनुसार, विवादित जमीन पर कब्जे और निर्माण तोड़े जाने से जुड़े मामलों की जांच के दौरान विधायक के भाई और कुछ समर्थकों की भूमिका सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और कुछ मामलों में विधायक का नाम भी नामजद आरोपियों में शामिल है। पुलिस ने इस प्रकरण में चार लोगों की गिरफ्तारी की बात कही है। हालांकि, विधायक पक्ष की ओर से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं और इसे राजनीतिक साजिश बताया गया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
सर्च वारंट के साथ विधायक के आवास पर पहुंची पुलिस
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद और बाउंड्री तोड़े जाने की शिकायत के बाद पुलिस ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में विधायक के आवास की तलाशी ली गई। रिपोर्टों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान जमीन से जुड़े दस्तावेजों समेत अन्य कागजात की जांच की गई।
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाना और आरोपितों की भूमिका की जांच करना था।
विधायक के भाई की भूमिका की जांच
पूरे विवाद में विधायक के भाई सोनू सिंह की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है। शिकायतों में जमीन पर कथित कब्जे और बाउंड्री तोड़े जाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इन आरोपों से जुड़े वीडियो, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। स्वतंत्र रूप से सभी आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने विधायक के करीबी बताए जा रहे लोगों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर भी छापेमारी की है। इनमें भिखनपुरा इलाके में एक रिश्तेदार का आवास भी शामिल है। एक अन्य मामले में छापेमारी को लेकर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सीतामढ़ी कार्यालय से दो लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस कार्रवाई का दायरा मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं रहा। सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित विधायक के कार्यालय से दो आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज मामलों और पूरे नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की है।
पुलिस की कार्रवाई पर विधायक ने उठाए सवाल
विधायक अमित रानू ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके पक्ष से इसे राजनीतिक साजिश और मीडिया में चर्चा बटोरने वाली कार्रवाई बताया गया है। ऐसे में अब पुलिस की जांच के निष्कर्ष और अदालत की प्रक्रिया इस पूरे मामले में आगे की दिशा तय करेगी।
जांच का दायरा बढ़ने के संकेत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दर्ज मामलों में आरोपित लोगों के पुराने रिकॉर्ड और उनकी संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरपुर का यह मामला अब सिर्फ एक जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। कई प्राथमिकी, गिरफ्तारियां, पुलिस छापेमारी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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