पटना: सरकारी नौकरी से करोड़ों की संपत्ति बनाने के आरोप में लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच के घेरे में हैं। गुरुवार को EOU की टीम ने इंजीनियर के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच शुरू की।
कार्रवाई सासाराम, पटना, बांका और मुजफ्फरपुर में की गई। टीम ने इंजीनियर के सरकारी कार्यालय, आवास, पैतृक घर और ससुराल समेत कई जगहों पर दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच की।
EOU के अनुसार, शुरुआती जांच में इंजीनियर की संपत्ति उनकी ज्ञात आय से काफी अधिक पाई गई है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि करीब 1.20 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की गई है, जो वैध आय से लगभग 85 प्रतिशत ज्यादा बताई जा रही है।
पटना फ्लैट से मिले सोने-चांदी के गहने और महंगी चीजें
छापेमारी के दौरान पटना के दानापुर स्थित अपार्टमेंट के फ्लैट से टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, सोने-चांदी के गहने, सिक्के, नकदी और महंगी घड़ियां मिली हैं।
जांच टीम ने फ्लैट के इंटीरियर पर किए गए खर्च की भी जानकारी जुटाई है। बताया जा रहा है कि फ्लैट को बेहद आलीशान तरीके से सजाया गया था।
संपत्ति का नेटवर्क पटना से मुजफ्फरपुर तक
EOU की कार्रवाई सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रही। टीम ने—
- सासाराम स्थित सरकारी कार्यालय
- डेहरी ऑन सोन स्थित सरकारी आवास
- पटना के दानापुर स्थित फ्लैट
- मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल
- बांका के पैतृक गांव
में एक साथ जांच की।
रिश्वत की रकम सास के खाते में जाने का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, शुरुआती पड़ताल में यह भी सामने आया है कि रिश्वत की रकम कथित तौर पर इंजीनियर की सास मीरा जायसवाल के खाते में भेजी जाती थी। हालांकि, इस मामले में आगे की जांच जारी है और वित्तीय लेन-देन की पूरी पड़ताल की जा रही है।
12 साल की नौकरी में करोड़ों की संपत्ति का सवाल
EOU की जांच में दावा किया गया है कि इंजीनियर ने करीब 12 साल की सेवा अवधि में बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति बनाई। टीम अब जमीन, फ्लैट, बैंक खाते और अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
बैंक लॉकर की भी होगी जांच
छापेमारी के दौरान बैंक लॉकर की जानकारी भी सामने आई है। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद लॉकर की जांच की जाएगी। EOU का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संपत्ति और बरामद सामान का पूरा ब्योरा सामने आएगा।
छह घंटे तक हुई पूछताछ
डेहरी स्थित सरकारी आवास पर EOU टीम ने इंजीनियर से करीब छह घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने बताया कि मामला आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है और सभी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
अब खुलेगा ‘कमाई’ का पूरा हिसाब!
एक सरकारी इंजीनियर के ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति के सुराग मिलने के बाद EOU की कार्रवाई चर्चा में है। फिलहाल जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संपत्ति कैसे अर्जित की गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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