पटना: पटना यूनिवर्सिटी में परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है। LLB प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र वायरल होने के मामले को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने एग्जाम कंट्रोलर के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रतिरोध दिवस मनाया।
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया, जिसके बाद छात्र और ज्यादा आक्रोशित हो गए। कई छात्र गेट के बाहर जमा होकर नारेबाजी करने लगे। एक छात्र गेट पर चढ़कर हाथ में संगठन का झंडा लेकर विरोध जताता नजर आया
पेपर लीक नहीं रुका तो परीक्षा कैसे होगी भरोसे की?
प्रदर्शनकारी छात्रों ने एग्जाम कंट्रोलर का पुतला फूंकते हुए जमकर नारे लगाए। छात्रों का आरोप है कि पटना यूनिवर्सिटी की परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है।
छात्रों ने कहा कि LLB और LLM प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितता सामने आई है। इसके अलावा सेमेस्टर परीक्षाओं के रिजल्ट में देरी और लंबित परीक्षाओं के कारण हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों का आरोप- जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं
प्रदर्शन कर रहे छात्र आदर्श ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार नहीं चल रहा है। परीक्षा समय पर नहीं हो रही और रिजल्ट में देरी हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है और पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। छात्रों ने मांग की कि मौजूदा एग्जाम कंट्रोलर को हटाकर जिम्मेदार अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
LLB प्रवेश परीक्षा में वायरल हुआ था प्रश्नपत्र
दरअसल, 1 अगस्त को पटना यूनिवर्सिटी की तीन वर्षीय LLB प्रवेश परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र वायरल होने की सूचना सामने आई थी। बताया गया कि पटना कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक छात्र मोबाइल लेकर परीक्षा कक्ष में पहुंचा और प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचकर बाहर भेज दी।
मामले के बाद परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि सभी केंद्रों पर जैमर की व्यवस्था थी, इसलिए वायरल प्रश्नपत्र का परीक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा।
अब जांच और कार्रवाई पर टिकी नजर
छात्रों का कहना है कि सिर्फ सफाई देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है। वहीं, इस पूरे मामले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल छात्रों का आंदोलन परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर जारी है।
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