रांची: झारखंड सरकार ने शहीद सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस जवानों के बच्चों के लिए बड़ा कदम उठाया है। राजधानी रांची में जल्द ही ‘दिशोम गुरु पद्म भूषण शिबू सोरेन पुलिस आवासीय विद्यालय’ का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षा मंत्री के रूप में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इस अत्याधुनिक आवासीय विद्यालय का निर्माण रांची रिंग रोड स्थित झारखंड जगुआर (STF) परिसर में किया जाएगा। करीब 6 एकड़ जमीन में बनने वाले इस स्कूल पर लगभग 34 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। शिक्षा विभाग ने आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
इस विद्यालय का सबसे बड़ा उद्देश्य उन परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधा देना है, जिनके माता-पिता ने राज्य और देश की सुरक्षा में अपना बलिदान दिया है। यहां शहीद सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिसकर्मियों के बच्चों को पूरी तरह मुफ्त आवासीय सुविधा, भोजन और शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
स्कूल को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसमें कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई की व्यवस्था होगी। आधुनिक हॉस्टल, स्मार्ट क्लासरूम और अन्य सुविधाओं से लैस इस विद्यालय को मॉडल संस्थान के रूप में तैयार करने की योजना है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, झारखंड के निर्माण और विकास में शहीदों के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। सरकार का मानना है कि इस स्कूल के माध्यम से शहीद परिवारों के बच्चों को बेहतर अवसर मिलेंगे और उनका भविष्य मजबूत होगा।
बजट के लिए बनेगा नया प्रावधान
खास बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। इसके लिए वित्त विभाग को नया बजट शीर्ष बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके बाद विधानसभा के मानसून सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट के माध्यम से राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का लक्ष्य है कि विद्यालय का निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2027-28 तक पूरा कर लिया जाए।