नालंदा: जहां कभी ज्ञान का सबसे बड़ा केंद्र रहा नालंदा विश्वविद्यालय आज इतिहास की गवाही दे रहा है, वहीं अब इस हजारों साल पुरानी विरासत की सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत होने जा रही है। बिहार सरकार ने नालंदा के प्राचीन खंडहर और राजगीर के विश्व शांति स्तूप को हाई सिक्योरिटी जोन में शामिल कर दिया है।
अब इन ऐतिहासिक धरोहरों की निगरानी सामान्य पुलिस नहीं, बल्कि बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के जवान करेंगे। यानी जहां कभी देश-दुनिया के विद्वान ज्ञान की तलाश में पहुंचते थे, वहां अब सुरक्षा जवान हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।
विदेशी पर्यटकों से लेकर श्रद्धालुओं तक की सुरक्षा पर फोकस
नालंदा खंडहर और विश्व शांति स्तूप बिहार की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। हर साल यहां देश-विदेश से हजारों पर्यटक और बौद्ध श्रद्धालु पहुंचते हैं।
सरकार ने बढ़ती भीड़ और इन स्थलों के महत्व को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला लिया है।
11 ऐतिहासिक स्थलों को मिला नया सुरक्षा घेरा
सिर्फ नालंदा ही नहीं, बिहार के 11 बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को विशेष सुरक्षा घेरे में लाया गया है।
इसमें गया का विष्णुपद मंदिर, पटना साहिब का तख्त श्री हरमंदिर साहिब, सोनपुर का हरिहरनाथ मंदिर, वैशाली का बुद्ध अवशेष स्तूप, विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहर और सासाराम का शेरशाह मकबरा भी शामिल हैं।
सुरक्षा में तैनात जवानों को मिलेंगे खास अधिकार
सरकार ने सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए तैनात पुलिस अधिकारियों को विशेष अधिकार भी दिए हैं। इन स्थलों पर हवलदार से नीचे स्तर के जवानों की तैनाती नहीं होगी।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की शक्ति भी दी गई है।
ज्ञान की धरती नालंदा पर अब सुरक्षा की नई दीवार
नालंदा की धरती जिसने दुनिया को शिक्षा और ज्ञान का संदेश दिया, अब उसी विरासत की रक्षा के लिए सुरक्षा का मजबूत घेरा तैयार किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा और बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
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