पलामू: झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इंटरस्टेट गांजा तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने एक ट्रक से 320 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी बाजार कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में ट्रक चालक को गिरफ्तार किया गया है।
पलामू पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश से बिहार के रास्ते झारखंड में गांजे की बड़ी खेप पहुंचाई जाने वाली है। सूचना के आधार पर हुसैनाबाद इलाके में पुलिस ने जाल बिछाया।
हुसैनाबाद एसडीपीओ दिव्यांशु शुक्ला और थाना प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक संदिग्ध ट्रक को रोककर जांच शुरू की।
ट्रक के अंदर बना था गुप्त तहखाना
पुलिस के अनुसार, तस्करों ने गांजे को छिपाने के लिए ट्रक में खास बदलाव कराया था। ट्रक के अंदर तहखाने जैसा गुप्त स्थान बनाया गया था, जिसके ऊपर केबल रखे गए थे ताकि किसी को शक न हो।
काफी देर तक चली तलाशी के बाद पुलिस को ट्रक के छिपे हिस्से से गांजे की खेप मिली। गांजे को 10 अलग-अलग बोरों में पैक कर रखा गया था।
ड्राइवर गिरफ्तार, नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में छतरपुर थाना क्षेत्र के मदनपुर निवासी राजेश यादव को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि उसे बिहार बॉर्डर से ट्रक लेकर छतरपुर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
हुसैनाबाद एसडीपीओ दिव्यांशु शुक्ला ने बताया कि यह कार्रवाई ऑपरेशन प्रहार के तहत की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय है और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
इस छापेमारी अभियान में देवरी ओपी प्रभारी राजू कुमार गुप्ता, लठेया ओपी प्रभारी मुकेश कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर छात्रधारी कुमार और सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार दास समेत कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस की इस कार्रवाई से नशे के कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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