जमशेदपुर: झारखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में है।
जमशेदपुर में फील्ड वर्कर भर्ती परीक्षा के एक अभ्यर्थी ने आरोप लगाया है कि उसे परीक्षा का एडमिट कार्ड उसी दिन भेजा गया, जब परीक्षा पहले से चल रही थी।
पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड के रामदा गांव निवासी राजेश लोहार ने वर्ष 2024 में इस भर्ती के लिए आवेदन किया था। लेकिन उसे एडमिट कार्ड परीक्षा वाले दिन दोपहर 2:59 बजे ई-मेल के जरिए मिला। उस समय तक परीक्षा की पहली और दूसरी पाली समाप्त हो चुकी थी और तीसरी पाली शुरू होने वाली थी।
राजेश उस समय जमशेदपुर में मजदूरी कर रहा था, जबकि उसका परीक्षा केंद्र लातेहार में था, जो लगभग 240 किलोमीटर दूर है। इतने कम समय में वहां पहुंचना संभव नहीं था।
अभ्यर्थी का कहना है कि उसने इस परीक्षा के लिए लंबे समय तक तैयारी की थी, लेकिन आयोग की लापरवाही के कारण वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सका। इससे उसका सरकारी नौकरी पाने का सपना टूट गया।
अब राजेश लोहार ने सरकार से मांग की है कि इस परीक्षा को रद्द किया जाए और निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित किया जाए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।
यह मामला कई अहम सवाल खड़े करता है—क्या आयोग इस लापरवाही की जिम्मेदारी तय करेगा? क्या ऐसे मामलों में दोषियों पर कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह अनदेखा कर दिया जाएगा?
ये खबर भी पढ़े: Bihar: पेपर लीक पर शेखपुरा में छात्रों का शक्ति प्रदर्शन, तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे युवा, PM-गृहमंत्री-शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा!
