चतरा: चतरा जिले में जमीन से जुड़े एक मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद सदर थाना में अंचल अधिकारी (CO), अंचल निरीक्षक (CI) समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने की कोशिश की गई और सरकारी रिकॉर्ड में भी छेड़छाड़ की गई।
मामले में नगवां मोहल्ला निवासी फियाज अहमद ने शिकायत दर्ज कराई है। एफआईआर में चतरा के CO अनिल कुमार, CI वीरेंद्र कुमार, राजस्व कर्मचारी सीमा कुमारी सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप कुमार समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
शिकायत के अनुसार, नगवां मोहल्ले में खाता संख्या 136 के प्लॉट नंबर 824 (17 डिसमिल) और प्लॉट नंबर 825 (9 डिसमिल) यानी कुल 26 डिसमिल जमीन मो. कलीमुल्लाह के नाम से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज थी। फियाज अहमद का दावा है कि उन्होंने मो. कलीमुल्लाह के पुत्र मो. एकराम से यह जमीन खरीदी थी और मौके पर चाहरदीवारी भी कराई थी।
आरोप है कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत फर्जी केवाला तैयार कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड में भी कथित रूप से बदलाव किया गया और उसी आधार पर जमीन का म्यूटेशन करा दिया गया।
फियाज अहमद के अनुसार, हीरा कुमार ने सलमा खातून से पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर कथित फर्जी दस्तावेज तैयार किए और बाद में जमीन को मुकेश कुमार व उदय कुमार के नाम बेच दिया गया। इसके बाद जमीन पर कब्जा करने और चाहरदीवारी तोड़ने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने इस मामले में 23 फरवरी को सदर थाना में आवेदन दिया था, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के 10 जुलाई के आदेश के बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।