पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने बंगला विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की जो भी वाजिब मांगें हैं, उन पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और सभी निर्णय वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से किसी भी प्रकार का गलत या गैरकानूनी फैसला नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राबड़ी देवी ने 5 जुलाई तक का समय मांगा है, जिस पर प्रक्रिया के अनुसार निर्णय होगा।
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने जल संसाधन विभाग की तैयारियों को लेकर कहा कि राज्य में बाढ़ और अल्पवृष्टि (सूखा) दोनों स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष नालंदा और जहानाबाद समेत दक्षिण बिहार के कई इलाके बाढ़ से अधिक प्रभावित हुए थे, लेकिन इस वर्ष अब तक स्थिति नियंत्रण में है।
उन्होंने कहा कि यदि कम बारिश की स्थिति बनती है तो किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए सरकार ने नई योजना के तहत बाढ़ के समय अतिरिक्त पानी को नहरों और अन्य माध्यमों से जलाशयों में संग्रहित करने की पहल शुरू की है, ताकि इस पानी का उपयोग अल्पवृष्टि के दौरान किसानों की सिंचाई जरूरतों के लिए किया जा सके।
विजय चौधरी ने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य बाढ़ प्रबंधन के साथ-साथ हर परिस्थिति में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर संभावित सूखे और बाढ़ दोनों स्थितियों से निपटने की तैयारी लगातार की जा रही है।
केंद्रीय स्तर पर चल रही नीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गाद प्रबंधन नीति अंतिम चरण में है, जिससे बिहार को आने वाले समय में बड़ा लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार और नीतीश कुमार को केंद्र में मंत्री बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि मंत्री बनने की उम्मीद हर राज्य और हर दल में होती है। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्र सरकार बिहार के विकास को प्राथमिकता दे रही है और राज्य की योजनाओं को तेजी से मंजूरी मिल रही है, जो बिहार के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड