पटना: जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी की घटना को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि जमुई की घटना उस दावे पर सवाल खड़े करती है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि जमुई की घटना बेहद दुखद है और आरोप लगाया कि बिहार में छात्राएं और महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि दिन हो या रात, स्कूल, कॉलेज, सड़क या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र
जमुई की घटना 19 सितंबर की शाम की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।
घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने ऐसे अकाउंट्स के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है, जिनसे नाबालिगों की पहचान उजागर करने वाली सामग्री साझा की गई। पुलिस ने लोगों से ऐसी सामग्री प्रसारित नहीं करने की अपील की है।
पुराने बयान का हवाला देकर सरकार पर सवाल
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुराने बयान का संदर्भ देते हुए महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस को ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, जबकि उनके अनुसार मामलों को दबाने की कोशिश की जाती है। ये तेजस्वी यादव के राजनीतिक आरोप हैं।
वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से घटना में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। पुलिस जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
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