पटना/जमुई: बिहार के जमुई में 19 सितंबर की शाम दो नाबालिग छात्रों के साथ रास्ते में कथित तौर पर दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, मामले में एफआईआर दर्ज कर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है तथा तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।
इसी मामले को लेकर जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। तेज प्रताप ने चेतावनी दी कि यदि सरकार मामले पर जवाब नहीं देती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो उनकी पार्टी अनशन और आंदोलन करेगी। यह तेज प्रताप यादव का राजनीतिक बयान है।
पुलिस कार्रवाई पर भी तेज प्रताप ने उठाए सवाल
तेज प्रताप यादव ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से सभी मुख्य दोषी हों, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं हुई है।
वहीं पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। जमुई पुलिस ने बताया है कि वीडियो की जांच के आधार पर करीब सात लोगों की पहचान हुई है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
क्या है जमुई का पूरा मामला?
पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नाबालिग छात्र 19 सितंबर की शाम कोचिंग से लौट रहे थे। इसी दौरान जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके के पास कुछ लोगों ने उन्हें कथित तौर पर रोक लिया। इसके बाद उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और घटना का वीडियो बनाया गया। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया।
जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, पुलिस ने वीडियो के आधार पर संदिग्धों की पहचान शुरू की। पीड़ितों से संपर्क कर उनके बयान लिए गए और इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले में POCSO एक्ट समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की है।
महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
घटना के बाद महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस की जांच में वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
तेज प्रताप बोले- सरकार को देना होगा जवाब
तेज प्रताप यादव ने कहा कि इस तरह की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आम लोगों, खासकर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस मामले पर जवाब नहीं देती है तो उनकी पार्टी आंदोलन और भूख हड़ताल करेगी। इस तरह जमुई की घटना अब पुलिस जांच के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी मुद्दा बन गई है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
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