शेखपुरा: जिले के जाने-माने समाजसेवी, प्रखर वक्ता और जन-जन के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले संजय यादव का अचानक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे शेखपुरा जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन किए और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बताया जा रहा है कि संजय यादव को अचानक पेट में दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना के पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अचानक हुए इस निधन ने परिवार, दोस्तों और समर्थकों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
संजय यादव सिर्फ एक समाजसेवी ही नहीं, बल्कि अपनी बेबाक बातों और प्रखर वक्तृत्व शैली के लिए भी जाने जाते थे। किसी भी मंच पर वह अपनी बात मजबूती और साफगोई के साथ रखते थे। उनकी राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी मजबूत पकड़ थी। जिले के कई बड़े नेताओं, मंत्रियों और सांसदों से उनके मित्रवत संबंध रहे।
समाजसेवी शंभू यादव ने भावुक होते हुए कहा कि संजय यादव का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होंने बताया कि पिता के निधन के बाद संजय यादव ने बड़े भाई के साथ मिलकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली और हर सुख-दुख में सभी का हौसला बढ़ाया। आज उनके अचानक चले जाने से पूरा परिवार और समाज खुद को अकेला महसूस कर रहा है।
संजय यादव के निधन की खबर सुनते ही पूर्व विधायक विजय सम्राट, सम्बल हैदर, इमाम गजाली, लट्टू यादव सहित कई सामाजिक और राजनीतिक लोग उनके आवास पहुंचे और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मुकेश यादव, शंभू यादव, पप्पू यादव, इकबाल सहित जिले के कई गणमान्य लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
संजय यादव की यादें अब शेखपुरा के लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगी। उनकी बेबाक आवाज, समाज के प्रति समर्पण और लोगों के साथ उनका अपनापन हमेशा याद किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़े: Jharkhand: राम मंदिर चंदा विवाद: जमशेदपुर की सड़कों पर उतरे लोग, राम-सीता और वानर सेना के रूप में निकली रैली; देखें आंदोलन की पूरी झलक!
