जमशेदपुर: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े चंदे के पैसे में कथित गड़बड़ी और चोरी के आरोपों को लेकर जमशेदपुर में सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस मुद्दे को लेकर शहर में एक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

रैली के दौरान लोगों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और वानर सेना के प्रतीकात्मक रूप धारण कर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। हाथों में तख्तियां और मांग पत्र लेकर प्रदर्शनकारी शहर की सड़कों से होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा।

प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त को एक मांग पत्र सौंपते हुए अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले की सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में मंदिर निर्माण के लिए देशभर से जुटाए गए चंदे की राशि को लेकर यदि किसी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी के आरोप सामने आते हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

सामाजिक संगठन के लोगों ने आरोप लगाया कि अयोध्या में मौजूदा सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था के कारण वहां निष्पक्ष जांच की उम्मीद कम है। इसलिए पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि वह पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और मंदिर से जुड़ी हर व्यवस्था पूरी तरह साफ और पारदर्शी होनी चाहिए।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि उनके ज्ञापन को आगे उचित स्तर तक पहुंचाया जाए और मामले में जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया शुरू हो।

फिलहाल राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर जमशेदपुर में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित पक्ष इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं।
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