पटना: बिहार में टैक्स को लेकर शुरू हुई सियासत अब सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। ग्रामीण इलाकों में होल्डिंग टैक्स लगाने की चर्चा के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू किया तो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सदन में सफाई देनी पड़ी।
विधान परिषद में राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया कि आमदनी बढ़ाने के लिए अब गांव के गरीब परिवारों पर भी टैक्स का बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की परेशानी समझनी चाहिए, न कि नए-नए कर लगाकर बोझ बढ़ाना चाहिए।
विरोध के बाद सरकार का यू-टर्न?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में कहा कि सरकार की गरीबों पर टैक्स लगाने की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांवों में गरीब लोगों से होल्डिंग टैक्स वसूली का कोई प्रावधान नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नियमों में समय के अनुसार बदलाव किए जाएंगे और सरकार जनता के हितों को ध्यान में रखकर फैसला लेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नल-जल और कचरा प्रबंधन जैसी सेवाओं के लिए पहले से ही शुल्क लिया जा रहा है।
एक के बाद एक फैसलों पर उठे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब सरकार को अपने फैसलों को लेकर सफाई देनी पड़ी है। इससे पहले स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था। लोगों में यह संदेश गया था कि निजी वाहनों से भी टोल वसूला जाएगा, जिसके बाद सरकार ने साफ किया कि सिर्फ व्यावसायिक वाहनों पर ही टोल लागू होगा।
इसके अलावा सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन खरीद-बिक्री पर रोक के फैसले को लेकर भी किसानों में नाराजगी सामने आई थी। बाद में सरकार ने कुछ शर्तों के साथ जमीन बिक्री की अनुमति दी।
राजस्व बढ़ाने के फैसलों पर विपक्ष हमलावर
सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें वाहनों पर ट्रेड टैक्स में वृद्धि, जमीन के सर्किल रेट में बदलाव, म्यूटेशन शुल्क और रजिस्ट्री नियमों में बदलाव शामिल हैं।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार आम लोगों की जेब पर लगातार बोझ बढ़ा रही है, जबकि सरकार का कहना है कि ये कदम व्यवस्था सुधार और विकास कार्यों के लिए जरूरी हैं।
अब सवाल जनता के भरोसे का
टैक्स और शुल्क बढ़ाने वाले फैसलों के बीच सरकार को लगातार राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार के ये फैसले जमीन पर कितना असर डालते हैं और क्या जनता के बीच उठ रहे सवालों का समाधान हो पाता है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के विरोध में 25 जुलाई को बिहार बंद, AISA-RYA ने छात्रों से लेकर आम लोगों से मांगा समर्थन!